अस्पताल में शार्ट सर्किट से लगी आग, लाखों का नुकसान

बिजली चैंजर हाउस जलने से पूरे अस्पताल की बिजली गुल रही, ओपीडी को छोड़ अस्पताल में तमाम कार्य रहे ठप
बी.एल. वर्मा द्वारा
नारनौल 3दिसम्बर 2018
जिला अस्पताल के बिजली चैंजर हाउस में गत रात्रि को शार्ट-सर्किट से अचानक आग लग गई। इस आग में तीन एसी, पैनल समेत पूरा बिजली चैंजर हाउस जल गई। आग की लपटे चैंजर के साथ लगे गायनी वार्ड के आपरेशन थिएटर तक पहुंच गई, लेकिन सौभाग्य रहा कि इस दौरान ओटी में कोई नहीं था। इसके चलते बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वहीं बिजली चैंजर हाउस जलने से पूरे अस्पताल की बिजली गुल रही। बिजली गुल रहने से सोमवार को दिन भर ओपीडी को छोड़ कर अस्पताल में तमाम कार्य ठप रहे। इससे अस्पताल में आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आग लगने से स्वास्थ्य विभाग के करीब 3 लाख रुपए की नुकसान हो गया।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के गायनी वार्ड के पीछे स्थित थ्री फेस बिजली चैंजर हाउस में रविवार देर रात करीब 11.30 बजे शार्ट-सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे चैंजर हाउस में फैल गई। इससे तेज धमाके के साथ पूरे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इससे पूरे अस्पताल में चारों ओर अंधेरा छा गया। इस आग में चैंजर हाउस में लगे तीन एसी, पैनल समेत तमाम बिजली उपकरण जल गए। साथ ही चैंजर के साथ लगते गायनी वार्ड के आपरेशन थिएटर की तमाम वायर जल गई। इससे आपरेशन थिएटर, गायनी वार्ड समेत पूरे अस्पताल में अल्ट्रासाउड कक्ष, एक्स-रे रुम, आधार कार्ड कक्ष, प्रयोगशालाओं में काम-काज पूर्णतया ठप रहा।
डिलिवरी के लिए भर्ती महिलाओं को दूसरे अस्पतालों में किया रेफर:
नारनौल नागरिक अस्पताल में लगी आग के बाद जले एसी व जले बिजली के उपकरण। 
चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के अनुसार देर रात लगी आग में गायनी वार्ड के आपरेशन थिएटर के तमाम वायर जल गई हैं। अब आपरेशन थिएटर में नए सिरे से फिटिंग करवानी होगी। इस कार्य में दो-तीन दिन का समय लगेगा। ऐसे में यहां डिलिवरी के लिए भर्ती महिलाओं को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया है। डिलिवरी हो चुकी महिलाओं को दूसरे स्थान पर स्थानांतरण किया गया है। अस्पताल में डिलिवरी दो-तीन दिन बाद ही करवाई जाएंगी।
चिकित्सकों ने मोमबत्ती की रोशनी में देखी ओपीडी:
रविवार देर रात बिजली गुल हो जाने से जिला अस्पताल में दिन से समय भी अधेरा छाया रहा। ऐसे में चिकित्सकों ने मोमबत्ती जला कर ओपीडी देखी। इससे चिकित्सकों के साथ-साथ मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही अस्पताल में बिजली के अभाव में कागजी कार्य भी मोमबत्ती की रोशनी में निपटाते देखा गया।