आयुर्वेद के उपायों से बढाएं रोग प्रतिरोधक क्षमताए

आयुर्वेद के उपायों से बढाएं रोग प्रतिरोधक क्षमताए दिनभर गर्म पानी पिएं और योगासन करें
बी.एल. वर्मा :
नारनौल,10 अप्रैल :   वैश्विक महामारी कोरोना की वैक्सीन तैयार करनें के लिए विश्वभर में विशेषज्ञ कोरोना की वैक्सीन के प्रयोग करने में जुटे हुए हैं। कोरोना से उन लोगों को ज्यादा परेशानी हुई है जिन्हें पहले से डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर या अन्य कोई रोग थे। इसलिए जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है उनमें रोगों से लडऩे की क्षमता उतनी ही ज्यादा होती है। जिला जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. अजीत सिंह ने कहा कि बीमारियों से सुरक्षा का सबसे अहम बिंदु है कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाई जाएं।

कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए आयुर्वेदिक पद्धतियों को अपनाकर हम खुद को स्वस्थ्य रखेंगे तो कोरोना के लक्षण दिखने पर भी उससे आसानी से लड़ा जा सकता है। संक्रमण के प्रभाव से बचने व अच्छे खान पान से रोग के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने भी एडवाइजरी जारी की है। लोगों को भी इन दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति सदियों पुरानी प्रमाणिक चिकित्सा पद्धति है। इसे अपनाकर हम अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं।

कोरोना जैसे रोगों से लडऩे के लिए इम्युनिटी सिस्टम मजबूत करें:
आयुष मंत्रालय के सुझाव के अनुसार दिनभर गर्म पानी पीते रहें। घर पर रहकर दिन में 30 मिनट तक योगासन व प्राणायाम करें। हल्दी धनिया जीरा लहसुन का खाने में प्रयोग करें। सुबह एक चम्मच च्वयनप्राश खाएं। मधुमेह के रोगी शुगर फ्री च्वयनप्राश लें। दिन में एक या दो बार हल्दी वाला दुध लें। हर्बल चाय तुलसी काढा दालचीनी काली मिर्च सौंठ व मुनक्का का दिन में कम से कम दो बार प्रयोग करें। जरूरत के अनुसार नींबू पानी का सेवन करें।नासिक छिद्रों में लगाएं घी या तेल:

सुबह और शाम तिल या नारियल का तेल या घी दोनों नासिका छिद्रों में लगाएं। एक चम्मच नारियल या तिल के तेल का दो-तीन मिनट के लिए मुंह में घुमा कर और गर्म पानी से कुल्ला कर लें। सूखी खांसी व गले की खराश के लिए अजवाइन या पुदीने के पत्ते डाल कर गर्म पानी से भाप लें।

About the author

SK Vyas

SK Vyas

Add Comment

Click here to post a comment

All Time Favorite

Categories