Haryana

आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन में मांगों को लेकर सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन 

आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन में मांगों को लेकर सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन 

स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों की लागत से डेढ़ गुणा दाम पर सरकार खरीदे
बी.एल. वर्मा द्वारा
नारनौल 11 फरवरी 2019  :आल इण्डिया किसान खेत मजदूर संगठन जिला कमेटी ने किसान-खेत मजदूरों की मांगों को लेकर उपायुक्त की अनुपस्थित में डीआरओ को मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अभय सिंह, जिला सचिव कामरेड बलबीर सिंह, मजदूर नेता शेरसिंह व सीताराम प्रधान, छाजूराम रावत एडवोकेट सुभाष चन्द, किसान अमरसिंह सहित किसान-खेत मजदूर उपस्थित थे।
जिला सचिव कामरेड बलबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार अपने आगामी बजट में सबसे पहले कर्ज समाप्ति व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार लागत से डेढ़ गुणा दाम देने की घोषणा करें, मगर अब तक किसानों को सरकार द्वारा कोई लाभ नहीं दिया गया हैं। सीएम के नाम सौंपे ज्ञापन में संगठन के सदस्यों ने बताया कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वायदा किया था कि किसानों को कर्ज मुक्त करेंंगे व सी-2 फार्मूले के आधार पर फसलों की लागत से डेढ़ गुणा दाम देंगे। बेहद अफसोस की बात है कि न तो केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार ने इन मांगों को पूरा किया है। केन्द्र सरकार ने किसान सम्मान निधि के नाम से मात्र छह हजार रुपए देने की घोषणा की बात कहीं है जो एक उपहास जैसा है। उन्होंने मुख्यमंत्री ने मांग की है कि आगामी बजट में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों व भूमिहीन ग्रामीणों के सभी कर्जे खत्म करें, स्वामीनाथन आयोग के सी-2 फार्मूले के अनुसार सभी फसलों के लागत से डेढ़ गुणा दाम पर सरकार खुद खरीदे, सभी किसानों व खेत मजदूरों व खेत मजदूरों को छह हजार रुपए मासिक आर्थिक सहायता दी जाएं, बुढ़ापा, विधवा व विकलांग पेेंशन पांच हजार रुपए महीना लागू की जाए, सब्सिडी बहाल करके डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक व कृषि औजार सस्ते किए जाए, खेत मजदूरों, छोटे किसानों व ग्रामीण दस्तकारों को मनरेगा स्कीम के तहत रोजगार दो और छह हजार रुपए दहाड़ी दी जाए, सिंचाई का सही प्रबंध करो, लखववार व किसाऊ बांध का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जाए तथा सूखा ग्रस्त क्षेत्रों को नहरें खोदकर हर खेत को पानी दिया जाए, फसल खराब का मुआवजा 40 हजार रुपए प्रति एकड़ दिया जाए, आवारा पशुओं से पशुओं से फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं तथा भावातंर स्कीम व फसलों के आनलाइन पंजीकरण पर रोक लगाई जाए।