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एक बार फिर सजने लगी हैं डोलियां, चढऩे लगी है बारातें –

एक बार फिर सजने लगी हैं डोलियां, चढऩे लगी है बारातें -

एक बार फिर सजने लगी हैं डोलियां, चढऩे लगी है बारातें -

 

चार माह के अंतराल के बाद शादियों का मौसम शुरू
त्रिभुवन वर्मा द्वारा :
नारनौल, 8 नवंबर 2019। :चार मास बाद देव उठनी एकादशी को एक बार फिर शादियों का मौसम शुरू हो गया है। आज चारों ओर डोलियां सजने लगी हैं तथा बाराती सजधज कर बारात चढऩे लगे हैं। चार महीने के बाद आज के दिन चारों ओर शादियों की भरमार दिखाई दें रही है। आज के दिन जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु भगवान आज से अपनी निद्रा से उठ गए हैं तथा मंगल कार्यों की शुरूआत हो गई है। आज से ही शुभ कार्यों जैसे गृह प्रवेश तथा शादियों के शुभ मुहूर्त आदि मंगल कार्यों के दिन शुरू हो गए हैं। आज के दिन जिला में हजारों वर-वधू अपने नए जीवन में प्रवेश करने जा रहे हैं तथा नव विवाहित जोड़े आज से अपने नए जीवन की शुरूआत करने जा रहे हैं।

एक बार फिर सजने लगी हैं डोलियां, चढऩे लगी है बारातें -

नारनौल ओलम्पिक क्लब में वर-वधू के लिए फूलों की माला तैयार करते तथा वर वधू के लिए गाड़ी की सजावट करता दुकानदार।

शादियों के लिए मंडप सजने लगे हैं:
आज जिला में चारों तरफ शादियों की अलग ही रौनक दिखाई दें रही है। वर तथा वधू के लिए गाडिय़ां सजने लगी हैं। गाडिय़ों को सजाने के लिए सजावट करने वालों के यहां लम्बी-लम्बी कतारें लगने लगी हैं। इसके साथ ही शादियों के मंडप तथा विवाह स्थल सज गए हैं। सैनिक रेस्ट हाउस के पास स्थित फुल विक्रेता दयानंद सैनी, मोहन लाल व शंकर लाल सैनी ने बताया कि सुबह से ही वरमाला बनाने का काम किया जा रहा है। तथा दुल्हे की गाड़ी की सजावट का कार्य सुबह से चल रहा है। उन्होंने बताया कि दुल्हा दुल्हन की वरमाला 500 रुपए से लेकर 1100 रुपए तक बिक्री के लिए रखी है तथा दुल्हे की गाड़ी की सजावट भी 2100 रुपए से लेकर 11000 रुपए तक की जा रही है।
क्या कहते हैं पंडित जी:
पंडित क्रांति निर्मल ने बताया कि कार्तिक शुक्ला एकादशी को हरि प्रबोधिनी एकादशी या देवउठनी ग्यारस के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस पर्व का बड़ा महत्व है। इसके पीछे पौराणिक कथा प्रचलित है कि वामन भगवान ने राजा बली से तीन पग भूमि का दान मांगा था दो पग में ही उन्होंने आकाश से पाताल तक सातों लोगों को नाप दिया। तीसरा पग रखने के लिए जब कोई जगह नहीं बची तो राजा बली ने अपना शीश झुका कर इस पर तीसरा पग रखने को कहा वामन भगवान ने तीसरा पग उनके सिर पर रखा। जिससे वो पाताल लोक में चले गए और पाताल लोक के राजा बने। भगवान ने उनसे वर मांगने को कहा तब राजा बली ने कहा कि आप चार महीने मेरे पास आए और मेरा आतिथ्य स्वीकार करें तभी से आषाढ़ शुक्ला एकादशी से कार्तिक शुक्ला एकादशी तक भगवान विष्णु बली के यहां निवास करते हैं। इस दिन भगवान को निद्रा से जगाया जाता है। इसी के साथ चार माह से बंद विवाह आदि शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। इसे स्वयं सिद्ध मुहूर्त भी कहा जाता है। इस दिन शालिग्राम एवं तुलसी का विवाह बड़े धूमधाम के साथ किया जाता है। जिससे विशेष फल की प्राप्ति होती है।
14 दिसम्बर से 13 जनवरी तक बंद रहेंगे शुभ कार्य:
पंडित क्रांति निर्मल ने बताया कि नवम्बर माह में 19, 20, 21, 22, 23, 28 व 30 शादियों के लिए शुभ होंगे। उन्होंने बताया कि दिसम्बर माह में 1, 2, 7, 8, 11 व 12 दिसम्बर के दिन शुभ रहेंगे। 14 दिसम्बर से 13 जनवरी तक शुभ कार्य बंद रहेंगे। जनवरी में मकर संक्रांति के दिन से शुभ कार्य शुरू होंगे।