ठगे से महसूस कर रहे है लैपटॉप योजना से वंचित सीबीएसई बोर्ड से दसवीं पास मेधावी बच्चें

ठगे से महसूस कर रहे है लैपटॉप योजना से वंचित सीबीएसई बोर्ड से दसवीं पास मेधावी बच्चें बी.एल. वर्मा द्वारा :
नारनौल 31 जुलाई 2019 : हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में विधार्थियों को डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ जुडऩे एवं मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गत 3 जुलाई से चालू की गई हरियाणा सरकार लैपटॉप योजना के तहत हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा दस में मैरिट प्राप्त करने वाले मेधावी विधार्थी जहां लैपटॉप पाकर खुशी से फूले नहीं समा रहे है, वहीं हरियाणा प्रदेश मूल के ही तथा प्रदेश में चल रहे सीबीएसई अन्र्तगत स्कूलों से मैरिट प्राप्त बच्चें अपने को इस योजना से वंचित रखे जाने से अपने-आप को ठगे से महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को यदि सही मायने में प्रदेश में विधार्थियों को डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ जुडऩे के लिए ही इस योजना को लागू किया है तो फिर प्रदेश के सभी मेधावी बच्चों को ही इस योजना में शामिल करना चाहिए था।
क्या है लैपटॉप योजना:
प्रदेश सरकार ने राज्य में पढ़ाई को बढ़ावा देने तथा बच्चों में पढऩे के प्रति रुचि को पैदा करने के लिए हरियाणा सरकार लैपटॉप वितरण योजना के नाम से मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटाप प्रदान करने की घोषणा की थी, जिसका शुभांरभ 3 जुलाई से कर दिया गया। सरकार ने हरियाणा सरकार लैपटॉप वितरण योजना का लाभ का लेने के लिए विधार्थी को केवल हरियाणा का स्थाई निवासी होना अनिवार्य किया है। सरकार ने योजना का लाभ केवल दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों तथा केवल हरियाणा बोर्ड से मैरिट प्राप्त विधार्थियों को ही लेने का पात्र माना गया हैं। सरकार ने इस योजना का लाभ हर श्रेणी के छात्र जिसमें सामान्य, एसी तथा बीपीएल श्रेणी शामिल है सबको दिया गया हैं। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में 3 जुलाई को कार्यक्रम करके 10वीं की बोर्ड की परीक्षा में मेरिट में आए बच्चों को लैपटाप देकर सम्मानित किया गया है तथा इसी के साथ योजना का लाभ से वंचित रहने वाले सीबीएसई के बच्चें एवं उनके अभिभावकों ने इस पर ऊंगली उठानी शुरू कर दी हैं। उनका कहना है कि सरकार ने हरियाणा के स्थाई निवासी बच्चों को भी इस महत्वकांक्षी योजना से महरूम रखा है, जो सरकार की इस योजना के द्वारा महज अपने चुनावी घोषणा-पत्र को पूरा करने का दिखावा मात्र प्रतिक हो रहा हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार ने चुनाव से पूर्व भाजपा ने प्रदेश के बच्चों को मुफ्त लैपटॉप देने का वायदा किया था। भाजपा सरकार द्वारा चुनाव पूर्व किया गया यह वायदा पांच वर्ष बाद भी पूरा नहीं करने से अब विपक्ष सरकार को विभिन्न मंचों पर घेरने लगा था, ऐसे में सरकार ने अब किन्तु परन्तु के साथ यह योजना लागू तो कर दी, लेकिन इस हडबडाहट में प्रदेश के उन बच्चों को वंचित रख दिया जो मेधावी तो है, लेकिन उन्होंने राज्य में ही चल सीबीएसई अन्तर्गत स्कूलों से दसवीं पास की हैं। उन्होंने कहा कि जब सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल हरियाणा सरकार के सभी नियम, कानून-कायदों को मानती है तो ऐसे में इनके मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करने वाली योजना का लाभ देने में भेदभाव क्यों किया गया हैं। क्षेत्र के जागरूक अभिभावक डी.एस. सिंह, बी.एस. शर्मा, राकेश शर्मा समेत अनेक प्रबुद्धजनों ने कहा कि सरकार को जब मेधावी बच्चों को इस योजना के तहत सम्मानित ही करना है तो इसमे बच्चों से भेदभाव करना बिलकुल भी तर्क संगत नहीं हैं। उन्होंने सरकार से इस योजना की पात्रता के लिए बनाए नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए विद्यार्थी के लिए केवल हरियाणा का स्थाई निवासी होने को ही पात्रता मानने की मांग की।

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