दीनबंधु सर छोटूराम की 74वीं पुण्यतिथि पर उन्हे भावभिनी श्रद्घांजली दी

सुरेंद्र व्यास द्वारा
     रेवाड़ी   9 जनवरी 2019 :                   स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने दीनबंधु सर छोटूराम की 74वीं पुण्यतिथि पर अपने रेवाड़ी स्थित कार्यालय में उन्हे भावभिनी श्रद्घांजली दी।
विद्रोही ने कहा कि आजादी से पूर्व संयुक्त पंजाब के मंत्री के रूप में सर छोटूराम ने जिस तरह से किसानों व गांवों के लिए कानून बनाकर उन्हे साहूकारों के चुंगल से छुड़ावाया व उनकी जमीनों की रक्षा की उसके कारण आज के पाकिस्तान, भारत के प्रांत पंजाब, हरियाणाा, हिमाचल प्रदेश के किसान न केवल जमीनों के मालिक है अपितु भारी मात्रा में खाद्यान उत्पन्न करके मानवता की सेवा कर रहें है। आजादी से पहले जिस तरह से उस समय के संयुक्त पंजाब के किसान अथक मेहनत करने के बाद भी भूखा व नंगा था, उसके दर्द को समझकर दीनबंधु सर छोटूराम ने पंजाब सरकार में मंत्री के रूप में किसानों को कर्जमुक्त करने व उनकी जमीनों को साहूकारों के चुगंल से छुड़ाने के कानून बनवाये। वे गुलामी के दौर में ऐतिहासिक व क्रांतिकारी थे। विद्रोही ने कहा कि सर छोटूराम ने उस समय गांवों में गरीबों को राजनीति व सरकारी सेवाओं में आने का जोरदार अभियान चलाया ताकि गांव वासियों की सत्ता व प्रशासन में भागीदारी हो सके। सर छोटूराम ने शिक्षा, समाज सुधार व सामाजिक कुरूतियों के खिलाफ व्यापक जनजागृति के कार्यक्रम चलाए। उस समय के संयुक्त पंजाब में जब मुस्लिम लीग धर्म के आधार पर साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने का कुप्रयास कर रही थी, तब सर छोटूराम ने सर फजलू रहमान के साथ मिलकर जिस तरह का धर्मनिरपेक्ष माहौल बनाया, उसके चलते सर छोटूराम के जीवित रहते हुए उस समय के संयुक्त पंजाब में मुस्लिम लीग कामयाब नही हो सकी, यह उनके सामाजिक भाईचारा बनाने के प्रयास का फल था। सर छोटूराम के विचार आज भी किसानों व गांवों की आवाज उठाने वालों व गरीबों के हित की राजनीति करने वालों के लिए प्रेरणादायक है। दीनबंधु छोटूराम को श्रद्घांजली देने वालों में कपिल यादव, प्रदीप कुमार, रामकिशन, अभयसिंह, अमन कुमार, अजय कुमार भी शामिल थे।

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