Haryana

नंदी गौशाला की दुर्दशा एवं प्रतिदिन गौ माता की दर्दनाक मौतों को लेकर विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर पुतला जलाया 

नंदी गौशाला की दुर्दशा एवं प्रतिदिन गौ माता की दर्दनाक मौतों को लेकर विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर पुतला जलाया 

नंदी गौशाला की दुर्दशा एवं प्रतिदिन गौ माता की दर्दनाक मौतों को लेकर विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर पुतला जलाया 
बी.एल. वर्मा द्वारा :
नारनौल 19 जुलाई 2019 :स्थानीय रघुनाथपुरा की पहाडिय़ों में नंदी गौशाला की दुर्दशा एवं प्रतिदिन गौ माता की दर्दनाक मौत व दयनीय स्थिति को लेकर रघुनाथपुरा व आसपास के विभिन्न गांवों के ग्रामीण स्थानीय चितवन वाटिका में समाजसेवी वैद्य किशन वशिष्ठ के नेतृत्व में एकत्रित हुए। उसके बाद प्रदर्शन करते हुए महावीर चौक तक प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने नपा प्रशासन का पुतला फूंककर अपना रोष व्यक्त किया।
प्रदर्शन से पूर्व चितवन वाटिका में ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए समाजसेवी वैद्य किशन वशिष्ठ ने कहा कि जिला प्रशासन की देखरेख में चल रही नंदी गौशाला की दुर्दशा यह साबित करती है कि यह गऊशाला नहीं गऊ माता का कत्ल का स्थान हैं। बिना चारा, बिना उपचार, बिना देखभाल, बिना रख रखाव बेहाल इस गौशाला में गौ वंश प्रतिदिन अपनी जीवन लीलाएं समाप्त कर रही हैं। प्रशासनिक रख रखाव का हवाला देकर गौ माताओं की दुर्दशा के लिए आखिर कौन जिम्मेवार हैं। गौशाला में कितनी गौ माता है इसकी पुष्टि करके सार्वजनिक करें तथा सरकारी रिकार्ड में कितनी गौ हैं, गौ माता के लिए क्या-क्या सेवाएं प्रशासन उपलब्ध करवा रहा है इसकी लिखित पुष्टि हो। नंदी गौशाला को सीधे तौर पर प्रशासन संभाल रहा है या नंदी गौशाला की रेख रेख ठेके पर हैं। इसकी लिखित पुष्टि हो। नंदी गौशाला को सीधे तौर पर प्रशासन संभाला रहा है या गौशाला की देखरेख ठेके पर हैं। प्रशासन इसका खुलासा करें। प्रशासनिक एवं सरकारी बजट नंदी गौ शाला के लिए कितना निर्धारित है, सार्वजनिक किया जाए। गौशाला में गैर सरकारी लाखों रुपए की मद्द आ रही है उस पर लिखित श्वेत पत्र जारी हो, सरकारी आंकड़ों में नंदी गौशाला में गऊशाला की संख्या छह सौ दिखाई गई है और प्रदेश सरकार 45 रुपए प्रति गौ के भरण पोषण का खर्चा दे रही है। गौशाला में गायों की संख्या 150 से भी कम है। इन आंकड़ों से अनुमान लगाया जा सकता है के नगर परिषद नारनौल प्रतिदिन गौ वंश के भी लगभग 20 हजार रुपए रोजाना स्वयं खा रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक माह पूर्व इस प्रकरण की आर.टी.आई. मांगी गई थी, लेकिन अभी तक आर.टी.आई. का जवाब नहीं मिल पाया। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मांग की है कि इस गंभीर मामले पर वे स्वयं संज्ञान लें और नगर परिषद के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें।