नहर विभाग के कर्मचारियों ने दिया धरना

नहर विभाग के कर्मचारियों ने दिया धरना
बी.एल. वर्मा द्वारा
नारनौल 6 मार्च 2019
नहर विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को हटाने के मामले को लेकर बुधवार को दूसरे दिन हरियाणा पी.डब्ल्यू.डी. मेकेनिकल वर्कर यूनियन, संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने सिंचाई विभाग शाखा में आउट सोर्सिंग पर कार्य कर रहे कर्मचारियों ने कार्यालय में मुख्य गेट पर धरना दिया। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि विभाग में सात-आठ साल से कार्य कर रहे हेल्पर तथा बेलदारों के पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों को नौकरी से हटाकर अधिकारी अपने चहेतों को नौकरी पर रख रहे हैं। इस अवसर पर सिंचाई शाखा के शाखा के प्रधान ओमवीर खत्री ने विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जब तक हटाए गए कर्मचारियों को नौकरी पर वापस नहीं लिया जाएगा तब तक यूनियन अपना धरना व प्रदर्शन जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियों की मंशा हटाए गए कर्मचारियोंं को वापस लेने की नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हटाए गए कर्मचारियों को वापस नहीं लिया गया तो यूनियन आर-पार की लड़ाई शुरू कर देगी, जिसकी जिम्मेवारी विभाग के आला अधिकारियों की होगी। उन्होंने बताया कि हटाए गए कर्मचारी 7 मार्च को नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव को 11 बजे तथा अटेली की विधायिका संतोष यादव को 12 बजे अपना मांग पत्र देगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार हरियाणा सरकार ने अतिथि अध्यापकों को जो राहत दी है वैसी ही राहत सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी जाए। उन्होंने बताया कि विभाग ने नवम्बर 2018 से फरवरी 2019 तक का चार मास का वेतन कर्मचारियों को आज तक नहीं दिया है, जिसे तुरंत दिया जाए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति ठीक हो सके। इस अवसर पर जिला प्रधान कौशल कुमार, केन्द्रीय कमेटी के सदस्य सुनील कुमार, महेन्द्र बोयत, नन्दलाल, फूलचंद शर्मा, अत्तर सिंह, बलबीर सिंह, भवानी शंकर, सत्यनारायण, मंजीत सिंह, भूपेन्द्र, नवीन, शमशेर, ललित कुमार, मुकेश, सुरेश, सुरेन्द्र तथा सुनील कुमार आदि के साथ अनेक कर्मचारी भी उपस्थित थे।
क्या है पूरा मामला:
विभाग में गत अनेक वर्षांे से कर्मचारियों की कमी चलती आ रही है। इस कमी को दूर करने के लिए विभाग ने डी.सी. रेट पर या लेबर कान्ट्रेक्ट से कुछ कर्मचारी लगाए गए थे। हालांकि इनमें अधिकांश सिफारिशी ही थे। नहर विभाग के इस मंडल में 62 पंप हाउसों पर या अन्य स्थानों पर काम करने के लिए 329 कर्मचारियों को लगाया गया था। अब हरियाणा सरकार द्वारा की गई डी ग्रुप की भर्ती के बाद इस मंडल में 149 कर्मचारी नए आ गए हैं। उक्त कर्मचारियों को अब उक्त कच्चे कर्मचारियों के स्थान पर काम करने का जिम्मा दिया गया है। पक्के कर्मचारी आने के बाद लगभग 149 कच्चे कर्मचारियों को हटाना विभाग की मजबूरी है। विभाग में अब तक लगे कच्चे कर्मचारियों की कार्य अवधि 31 मार्च तक है। एक अप्रैल से कच्चे कर्मचारियों को हटाने तथा नए सिरे से लगभग 200 कच्चे कर्मचारियों को लगाने के लिए विभाग ने शार्ट लिस्टिड करके प्लाटून एकेडमी नामक लेबर कान्ट्रेक्ट कंपनी को लिखा गया है। विभाग उक्त कर्मचारी नए सिरे से लगाए जाने हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी:
इस संबंध में नहर विभाग के कार्यकारी अभियंता सत्यबीर सिंह का कहना है कि कच्चे कर्मचारी प्लाटून एकेडमी नामक कंपनी के माध्यम से लगाए गए थे। अब उनके महेन्द्रगढ़ मंडल में डी ग्रुप के 149 स्थायी कर्मचारी आ गए हैं। ऐसी स्थिति में इतने ही कच्चे कर्मचारियों को हटाना पड़ेगा। यदि नहीं हटाएंगे तो इनके वेतन की समस्या खड़ी हो जाएगी। नहर विभाग में नए सिरे से लगभग 150 कच्चे कर्मचारियों की ही आवश्यकता पड़ेगी, जिसके लिए लेबर कान्टे्रक्टर को लिख दिया गया है। पुराने सभी कर्मचारियों को 31 मार्च तक हटाया जाएगा। एक अपै्रल को नए तथा कच्चे कर्मचारी और लगाए जाएंगे।

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