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नेशनल हाइवे के पुलिय से बाहरी वाहनों का आवागमन शुरू

नेशनल हाइवे के पुलिय से बाहरी वाहनों का आवागमन शुरू

नेशनल हाइवे के पुलिय से बाहरी वाहनों का आवागमन शुरू

नारनौल-रेवाड़ी नेशनल हाइवे पर पुल के डिवाइडर के मरम्मत के कार्य में जुटे मिस्त्री व मजदूर।
-डीजल से भरे टैंकर में आग में जलकर जर्जर हो गया था पुलिया
बी.एल. वर्मा द्वारा :
नारनौल, 10 नवंबर 2019। नेशनल हाइवे अथोरिटी आफ इंडिया 29 हजार लीटर डीजल की आग में जलकर जर्जर हुए छलक नाले के पुलिया की न तो मरम्मत करने और न ही पुल की मजबूती बारे लिखकर देने को तैयार है। पुल की मरम्मत नहीं करने के कारण पुलिस विभाग ने तीन दिन के बाद इस पुल के ऊपर से भारी वाहनों का आवागमन शुरु करवा दिया है। वहीं पुल के डिवाइडर की मरम्मत की जा रही हैं। हालांकि एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि 30 टन वजन से भरे वाहनों के आवागमन के लिए यह पुल सक्षम है। परंतु नारनौल-दिल्ली नेशनल हाइवे है। इस पर 35 से 40 टन तक के भारी वाहन आवागमन करते हैं। ऐसे में यहां कोई बड़ा हादसा हो जाएगा तो कौन जिम्मेदार होगा, इसका जवाब न एनएचएआई के पास है और न ही नगर परिषद/प्रशासन के पास। ऐसे में स्थानीय लोग हादसे को लेकर भयभीत हैं।
बता दें कि मंगलवार रात करीब 10:45 बजे डीजल से भरा एक टैंकर नारनौल में प्रवेश करते समय अनियंत्रित होकर छलक नाले में पलट गया था। इस दौरान बिजली की तारों के कारण डीजल में आग लग गई थी। डीजल में लगी यह आग छलक नाले के पुलिया के नीचे पूरे तीन घंटे से अधिक समय तक धधकती रही थी। ऐसे में आग से पुलिया के निर्माण में लगे लोहे के सरिए पिघलने की संभावना के चलते इसके जर्जर होने की संभावना जताई जा रही है। इसी संभावना के चलते पुलिस विभाग किसी भी अनहोनी को टालने के लिए मंगलवार रात से ही इस पुलिया के ऊपर से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी तथा पुलिया का नए सिरे से निर्माण करवाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को गुरुवार व शुक्रवार को मौके पर बुलाया था। दो दिन तक नारनौल आयी एनएचएआई की टीम ने पुलिया की मजबूती जांचने के लिए इसके ऊपर 30 टन वजन से लदा डंपर लाकर खड़ा किया था तथा पुलिया को मजबूत स्थिति में बताया था। ऐसे में वे इस पुलिया का न तो दोबारा निर्माण करेंगे और न ही मर मत करेंगे। साथ ही यह भी कहा था कि 30 टन से अधिक वजन से पुल को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए पुलिस इस पुल के ऊपर से 30 टन से अधिक वजन वाले वाहनों के आवागमन पर चाहे तो रोक लगा सकती है। परंतु वाहनों का वजन तौल कर पुल के ऊपर से गुजारने का कार्य आसान नहीं है।
पुलिया की मजबूती बारे लिख कर देने को तैयार नहीं है एनएचएआई:
नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी ने पुलिया की मजबूती पर सवाल खड़े करते हुए एनएचएआई के अधिकारियों से पुलिया की मजबूती बारे लिख कर देने की मांग कर रही हैं। परंतु एनएचएआई के अधिकारी लिख कर देने को तैयार नहीं हैं। इसके साथ ही टीम पुलिया की मर मत करने से भी इंकार कर शुक्रवार शाम को गुरुग्राम लौट गई थी। ऐसे में टैफिक पुलिस ने शनिवार सुबह से इस पुलिया के ऊपर से वाहनों का आवागम दोबारा शुरु कर दिया है।

नारनौल-रेवाड़ी नेशनल हाइवे पर पुल के डिवाइडर के मरम्मत के कार्य में जुटे मिस्त्री व मजदूर।