पिन्क स्टोन से बनेगा श्रीराम जन्मभूमि का मुख्य मंदिर 

पिन्क स्टोन से बनेगा श्रीराम जन्मभूमि का मुख्य मंदिर 
* विहिप के पुराने डिजाइन मे कुछ बदलाव होगा.
* 18 जून की श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ ट्र्स्ट की बैठक मे तय होगा नए स्वरूप पर अन्तिम निर्णय.
* अन्तिम निर्णय के आधार पर बनाई जाएगी परिवर्तित वास्तुशिल्प.
*श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य वास्तुकार चन्द्रकान्त सोमपुरा ने बेटे आशीष पुरा को सौपी मंदिर निमार्ण की कमान
*चन्द्रकान्त सोमपुरा ब्रह्पतिवार को अहमदाबाद से अयोध्या पहुंचॆ थे, 18 की बैठक मे होगे शामिल.
अशोक सिह भारत (उप्र ब्यूरो): सर्वोच्च न्यायालय से पक्ष मे फ़ैसला आते ही जहा हिन्दुओ मे खुशी की लहर व्याप्त हुई थी, उसी के साथ ही माननीय कोर्ट के दिशा निर्देश के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण की गतिविधिया भी तेज हो गई थी. सरकार ने श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ ट्र्स्ट का गठन कर, मन्दिर के निमार्ण कार्य का कार्यभार ट्रस्ट को सौपा..उसी के साथ ही शुरु हुआ मन्दिर के वास्तुशास्त्र और वास्तुशिल्प के चिन्तन मंथन मनन का दौर..
इस दौरान भूमि समतली करण का काम, जिसमे से मन्दिर के कई अवशेष भी निकले थे.. जो अब संग्रहालय मे सुरक्षित रख दिए गए हैं..इसके अलावा कारसेवा पुरम मे 29 वर्षो से मन्दिर निर्माण के लिए कटाई छटाई और तराशे गए सैन्ड स्टोन के पिलरो पर जमी काई की साफ़ सफ़ाई का भी काम तेजी से चल रहा है..
इन सबके बीच अब ट्र्स्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि आखिर मन्दिर के निर्माण का वास्तुशास्त्र और वास्तुशिल्प कैसा होना चाहिए..इसॆ लेकर अभी भी सन्तो महन्तो और ट्रस्टियो मे गम्भीर विचार विमर्श चल रहा है..कुछ विहिप के द्वारा प्रस्तावित मन्दिर के मौजूदा माडल को लेकर एकमत नहीं है.इसी समस्या के हल को लेकर काफ़ी मन्थन के पश्चात श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के मुख्य वास्तुकार से विचार विमर्श कर अंतिम निर्णय का फ़ैसला लिया गया..
इसी कडी के तहत श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के मुख्य वास्तुकार चन्द्रकान्त सोमपुरा अहमदाबाद से अयोध्या पहुंचॆ थे.और यहा पर उन्होने कारसेवापुरम एवम मन्दिर निर्माण स्थल का निरीक्षण इंजीनियरो व विशेषज्ञो के साथ किया.
पिन्क स्टोन से बनेगा श्रीराम जन्मभूमि का मुख्य मंदिर  खास बातचीत
18 की बैठक मे मन्दिर के बदलाव पर होगा अन्तिम फ़ैसला,
मै भी रहूगा बैठक मौजूद, पुराने माड्ल मे ज्यादा बदलाव सम्भव नहीं
इस बारे मॆ मन्दिर निर्माण कार्यभार देख रहे आशीश सोमपुरा ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के मौजूदा विहिप माड्ल का देश विदेश की हिन्दू जन मानस काफ़ी प्रभावित है और इसके आधाए पर बडी संख्या मे सैन्ड स्टोन के पिलरो की कटाई छटाई और नक्काशी का काम किया जा चुका है..मेरे मुताबिक यह 55 फ़ीसदी हुआ होगा..इसकी डिजाईन मे बहुत ज्यादा नहीं, परंतु थोडा बहुत परिवर्तन किया जा सकता है..वैसे ट्रस्ट के लोग इसमॆ नई तब्दीली क्या चाहते हैं, उसके अनुरुप ही मौजूदा डिजाईन मे बदलाव करके, टस्ट के सामने इस की पुन: प्रस्तुतिकरण की जाएगी..

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