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पीएम के साथ चन्द्रयान-2 की लाइव लैंडिंग देखने के बाद गरिमा ने सांझा किया अपना अनुभव

छात्रा गरिमा।
-महेन्द्रगढ की गरिमा ने इसरो में प्रधानमंत्री के साथ चन्द्रयान-2 की लाइव लैंडिंग देखी
त्रिभुवन वर्मा द्वारा :
नारनौल, 7 सितंबर 2019:महेन्द्रगढ की बेटी गरिमा शर्मा ने बैंगलुरू के इसरो केंद्र पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ देखा चंद्रयान-2 का लाइव लैंडिंग प्रोग्राम देखा। इस दौरान गरिमा ने किया प्रधानमंत्री से किया सीधा संवाद। प्रधानमंत्री के जवाब से गरिमा हुई उत्साहित बोली हमे प्रधानमंत्री पर गर्व है जिन्होंने इसरो वैज्ञानिकों की कोशिशों की सराहना करते हुए हमेशा प्रयास की और अग्रसर रहने को कहा। उन्होंने कहाकि हमेशा अपने लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सो में बांटकर उसको प्राप्त करना चाहिए। प्रधानमंत्री जी से की हुई बातचीत मेरे लिए एक मैमरेबेल एक्सपीरियंस है जो मुझे जिंदगी भर प्रेरणा देता रहेगा।

महेन्द्रगढ के मोहल्ला बिढ़ाट के निवासी पवन शर्मा की बेटी गरिमा शर्मा बैंगलुरू के इसरो केंद्र पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ देखा चंद्रयान-2 का लाइव लैंडिंग देखने के लिए गई थी। जहां वो अपने पिता पवन शर्मा व माता स्नेहलता शर्मा के साथ जयपुर से सीधे हवाई जहाज से बैंगलुरू इसरो पहुंची। जहां उन्हें इसरो के गेस्ट हाउस में अतिथि के रूप में रखा गया। शुक्रवार की रात इसरो गेस्ट हाउस से रात 9 बजे डिनर के बाद विशेष सिक्योरिटी के साथ स्पेशल ड्रेस में इसरो की बस द्वारा लाइव केंद्र तक ले जाया गया। वहां पर बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगी हुई थी। जिसमे चंद्रयान-2 की लाइव लैंडिंग दिखाई जा रही थी। जंहा उन्होंने रात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ चन्द्रयान-2 का सीधा लाइव लैंडिंग देखी, लेकिन आखिरी के क्षणों में जब लैंडर से सम्पर्क टूटा तब प्रधानमंत्री ने अपने इसरो के वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करते हुए उनकी सराहना की तो उन्हें इस क्षण की एक बहुत ही अच्छी अनुभूति हुई कि हमारे प्रधानमंत्री एक अच्ची सोच के है और अपने वैज्ञानिकों के बारे में हमेशा सकरात्मक सोच रखते है। उन्होंने इसरो प्रमुख को गले लगाकर उनको प्रोत्साहित करते हुए हमेशा प्रयाश करते रहने की एक बहुत अच्छी बात कही। इसके बाद प्रधानमंत्री जी हम  उपस्थित बच्चों के बीच मे आये और हमसे बातचीत की उन्होंने हमें कहाकि हमेशा अपने लक्ष्यों को छोटे छोटे हिस्सो में बांटकर उसको प्राप्त करना चाहिए और जो पाया है उसे जोड़ते जाना चाहिए और जिसे खोया है उसे भूल जाना चाहिए नहीं तो निराशा हमारा पीछे ही रहेगी, इसलिए हमेशा लक्ष्य की प्राप्ति की और ध्यान देना चाहिए। गरिमा ने कहा कि प्रधानमंत्री से की हुई बातचीत मेरे लिए एक मैमरेबेल एक्सपीरियंस है जो मुझे जिंदगी भर प्रेरणा देता रहेगा।
गरिमा के दादा रत्तन लाल शर्मा पूर्व हैडमास्टर ने बताया कि हमारा पूरा परिवार रातभर टीवी के सामने बैठा चन्द्रयान-2 की लाइव रिपोर्ट देखता रहा। जैसे ही मेरे पोते देव शर्मा ने रात 2 बजकर 53 मिनट पर कहा कि की दीदी गरिमा प्रधानमंत्री मंत्री से बात कर रही है तब मैंने जैसे ही यह दृश्य देखा मेरा सीना चौड़ा हो गया कि आज मेरी पोती ने कमाल करके दिखा दिया है कि वह काबिल है। इस दृश्य को देख उसकी दादी संतोष शर्मा तो भावुक ही हो उठी और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलकने लगे। गरिमा की इस उपलब्धि पर नगर के अनेको धार्मिक व सामाजिक संघठनों के प्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों ने उसको बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महेन्द्रगढ की बेटी गरिमा ने बैंगलोर के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा आयोजित क्विज में 600 सेकेंड में 20 प्रश्नों के उत्तर मांगे गए थे, जबकि गरिमा ने 400 सेकेंड में दिए थे सभी जवाब। इसके लिए पूरे देश मे से प्रत्येक राज्य व केंद्र शाषित प्रदेश से दो-दो बच्चों का चयन किया गया था। जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चंद्रयान-2 की लाइव लैंडिंग देखी है।