फूल बहार

फूल बहार

फूल बहार

फूलों की तरह हमको महकना जरूर है
महके हुए  चमन में  टहलना जरूर है।

ऐसी दीवानगी भी तेरी किस काम की
शम्मा की आग में उसे जलना जरूर है।

जो दिल में आए बात उसे कह दिया करो
एक दूजे पर  यकीन  भी करना जरूर है।

हमने भी आज ले लिया दिल से फैसला
हर हाल में  तुमको ही  चाहना जरूर है।

तुम चांदनी को कैद में यूं रख ना सकोगे,
आखिर तो उसको रात में खिलना जरूर है।

मुझको पता है एक दिन तुम छोड़ जाओगे जीवन  ये  तेरे नाम  पर  करना जरूर है।

माना  कि  जिंदगी  बहुत  मसरूफ  है तेरी
दो पल खुदा भी याद’कमल’रखना जरूर है।
फूल बहार कमल
जालंधर

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SK Vyas

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