बरसात ने फसलों को दी नई शक्ति, किसान हुए खुश

बरसात ने फसलों को दी नई शक्ति, किसान हुए खुश

नारनौल क्षेत्र में हुई बरसात के बाद शहर के एक मोहल्ले में जमा बरसात का पानी, बरसात के बाद सुबह कोहरे के गिरने पर सडक़ मार्ग पर लाइटें जलाकर अपने गंतव्य की ओर जाते वाहन चालक।
-बरसात के बाद सुबह क्षेत्र में गिरा कोहरा, वाहन चालकों का उठानी पड़ी परेशानी
-शहर के अनेक हिस्सा में जमा हुआ बरसाती पानी, आवागमन में लोगों को उठानी पड़ी भारी परेशानी
बी.एल. वर्मा द्वारा :
नारनौल, 13दिसम्बर,2019:बृहस्पतिवार देर सायं व रात्रि को जिले भर में हुई बरसात ने रबी की फसलों को नई शक्ति दी है। इस बरसात के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। ज्ञातव्य है कि इस बार सर्दी देर से शुरू होने के कारण फसलों में भारी नुकसान हो रहा था। फसलें विशेषकर सरसों व गेहूं में गर्मी पडऩे के कारण ज्यादा फैलाव नहीं हो रहा था तथा फसलें सूखने लगी थी। किसान ऐसे मौके पर बरसात की आस लगाए बैठे थे। रबी की फसलें अच्छी हों, इसके लिए कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सरसों व गेहूं की बिजाई के तीन सप्ताह बाद यदि धूंध तथा ओस नहीं गिरेगी तो फसलेंं अच्छी नहीं होंगी। इस बरसात के बाद आज सुबह धूंध का भी पूरा असर देखा गया तथा फसलों में ओस भी गिरी। आज दिन भर आसमान में बादल छाए रहे तथा सर्दी का ज्यादा असर देखा गया। ऐसे मौसम में ही रबी की फसलें ज्यादा पैदावार दें सकती हैं। वहीं दूसरी ओर शहर के अनेक हिस्सा में अचानक हुई भारी बरसात से गलियों में पानी जमा हो गया। जिसके कारण लोगों का अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी।

बरसात ने फसलों को दी नई शक्ति, किसान हुए खुश
22-25 एमएम हुई बरसात:
बृहस्पतिवार रात्रि तक कहीं हल्की तथा कहीं भारी बरसात हुई। नारनौल के आसपास जहां बरसात 22 एमएम तक हुई तो नांगल चौधरी जैसे सूखे क्षेत्र में बरसात अच्छी हुई। जिसके कारण किसानों की पैदावार पिछले वर्ष से ज्यादा होने की संभावना हैं। वहीं आसमान में छाए बादलों को देखकर अब और भी बरसात की संभावना जताई जा रही है।
चने की फसल में ज्यादा लाभ हुआ:
वैसे तो इस बरसात से लगभग सभी फसलों को लाभ हुआ है। लेकिन सबसे ज्यादा लाभ चने की फसल को हुआ है। दक्षिणी हरियाणा में सिंचाई की सुविधा कम होने के कारण लोग कम पानी वाली चने की फसल को ज्यादा महत्व देते हैं। इसके साथ ही सरसों तथा गेहूं की फसलों को भी आशातीत लाभ हुआ है। अब तक जिन फसलों का फैलाव कम हुआ था वे अब एक साथ ज्यादा फैलाव कर सकेंगी। इससे सीधा असर फसलों की पैदावार पर पड़ेगा। इस संदर्भ में किसानों का कहना है कि इस बरसात के बाद फसलें अचानक ज्यादा बढ़ सकेंगी तथा फसलें अच्छी होंगी।
कोहरे में क्षेत्र में दी दस्तक, न्यूनतम व अधिकतर तापमान में भी गिरावट:
इस बार दिसंबर माह का पहला कोहरा बरसात के बाद आज सुबह पड़ा। जो शुक्रवार को
सुबह करीब दस बजे तक छाया रहा। शहरी क्षेत्र में तो फिर भी कोहरा सुबह कम हो गया था। वहीं कोहरे के चलते न्यूनतम व अधिकतम दोनों तापमान गिर गए। वहीं दिन भर ठंडी हवाएं चली। इससे सुबह से शाम तक लोगों को ठंड का अहसास हुआ।
इस बार दिसंबर माह के दूसरे पखवाड़े में ही कोहरे की शुरूआत होने लगी है। शुष्क माने जाने वाले नारनौल क्षेत्र में कोहरा अक्सर दिसंबर के अंतिम दिनों में छाने लगता है, मगर इस बार बरसात के बाद इसकी शुरूआत दिसंबर के दूसरे पखवाड़े से ही हो गई। दो तीन दिनों तक क्षेत्र में बादल छाये रहने व बूंदाबांदी के बाद से महेंद्रगढ़ में सुबह कोहरा पड़ा था। जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरा सुबह दस बजे तक रहा। वहीं आसमान में पूरे दिन बादल छाये रहने से लोगों गर्म कपड़े पहने नजर आए।
शहर में जगह-जगह जमा हुआ बरसात पानी:
बरसात ने जहां किसानों के चेहरे पर खुशी दी, वहीं शहर वासियों के लिए बरसात आफत लेकर आई। बरसात के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। जिसके कारण मोहल्लावासियों व राहगिरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्दी का मौसम होने के कारण लोगों को पानी से बच-बचकर निकलना पड़ा। लेकिन फिर भी वो गलियों में जमा बरसाती पानी से बच नहीं सके तथा अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए उसे गहरे जमा पानी से होकर गुजरना पड़ा। देर रात्रि तक शहर के अनेक हिस्सा में बरसात का पानी जमा रहा, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फोटो नम्बर: 05व 06
नारनौल क्षेत्र में हुई बरसात के बाद शहर के एक मोहल्ले में जमा बरसात का पानी, बरसात के बाद सुबह कोहरे के गिरने पर सडक़ मार्ग पर लाइटें जलाकर अपने गंतव्य की ओर जाते वाहन चालक।

About the author

SK Vyas

SK Vyas

Add Comment

Click here to post a comment

All Time Favorite

Categories