बिलकुल भी डरने और घबराने की जरूरत नहीं कोरोना वायरस से–सावधानी और जागरूकता होना लाजमी डीसी

बिलकुल भी डरने और घबराने की जरूरत नहीं कोरोना वायरस से--सावधानी और जागरूकता होना लाजमी डीसी अम्बाला : डीसी अशोक कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस से घबरानें और डरने की कतेही जरूरी नहीं हैं। इसके लिए सावधानी बरतनें की बहुत जरूरत हैं। कोई भी व्यक्ति छोटे स्तर के जुखाम या खांसी को कोरोना समझकर घबराएं नहंी बल्कि बुनियादी स्तर पर पूरी सावधानी बरतें और अपने नजदीकी चिकित्सक के चैंक करवाएं और यदि किसी विदेशी पयर्टन के सम्पर्क में सम्बधिंत व्यक्ति आया हो तो चिकित्सकों को तुरन्त परामर्श लें चूकि जिला प्रशासन द्वारा जिला के करीब सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित कर दिए गए हैं।
बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोरोना वायरस से बचाव के प्रति जो सावधानियां बरती जा रही हैं उनके बारे में ग्रुप बनाकर लोगों को जागरूक करें। पंचायती राज संस्थाओं को जागरूक करने के लिए डीडीपीओ और सम्बध्ंिात बीडीओ भी इस विषय को लेकर लोगों को पूरी तरह से पे्ररित करें। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को किसी भी प्रकार की अफवाह से डरने की जरूरत नहीं है और यदि कोई व्यक्ति इस सन्दर्भ में किसी प्रकार की गल्त अफवाह फैलाता हैं तो जिला अधिकारी सम्बध्ंिात व्यक्ति पर विशेष ध्यान रखें। ड्रग कन्ट्रेल अधिकारी को निर्देश दिए कि वे वह सुनिश्चित करें कि कोई भी कैमिस्ट कोरोना वायरस का हव्वा खड़ा करके किसी भी व्यक्ति से गल्त तरीके से पैसे वसूल ने करें और यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो जिला प्रशासन इसे गम्भीरता से लेकर कार्य करेगा।

बिलकुल भी डरने और घबराने की जरूरत नहीं कोरोना वायरस से--सावधानी और जागरूकता होना लाजमी डीसी नोडल अधिकारी और डिप्टी सीएमओ संजीव सिंगला ने पॉवर प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कोरोना वायरस से बचाव और सावधानियों बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होनें बताया कि अपने हाथों को सबसे पहले साफ सुथरा रखना और दिन में साबुन या फिर सैनेटाईजर से कई बार धोना जरूरी हैं। खाना खाने या फिर खाना खाने के बाद भी अपने हाथों की सफाई आवश्य करें। जिस व्यक्ति को खांसी, जुखाम हो उससे कम से कम दो मीटर की दूरी आवश्य बनाए रखें। बेवजह हाथों को बार-बार मुंह या आंखों पर न लगाए।
उन्होंने यह भी बताया कि किए गए अध्ययन से पता चलता हैं, कि कोरोना एक वायरसों का एक बड़ा समूह है। यह पशुओं में भी पाया जाता हैं। कोरोना वायरस का केस सबसे पहले 1960 में मिला था। वर्ष 2003 में एसएआरएस सीओवी वायरस भी इसी का एक प्रकार था, इसकी मृत्यु दर 10 प्रतिशत दर्ज हुई थी। वर्ष 2012 में एमईआरएस सीओवी भी इसी का एक टाईप था। करीब 17000 एनसीओवी कोरोना वायरस के केसों के अध्ययन से ये पाया गया है, कि इसके 82 प्रतिशत केसों में छोटी मोटी खंासी, जुखाम के मरीज होते हैं, लगभग 15 प्रतिशत थोड़ा गंभीर निमोनिया के केस होते हैं और लगभग 2 से 3 प्रतिशत मामले ऐसे होते हैं जो किसी अन्य बीमारी से ग्रस्त हो या फिर अधिक वृद्घ हो। जो कन्फर्म केस है, उनमें मृत्यु दर 2 प्रतिशत से कम पाई गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नहीं हैं, बल्कि हर ऐंगल से सावधान रहने और ऐतिहात बरतने की जरूरत हैं।
एनसीओवी कोरोना वायरस एक नई तरह का वायरस है, जिसने सैकड़ों को संक्रमित किया है। मनुष्यों में यह वायरस पहली बार पाया गया। इस कारण इसे नोवल कोरोना वायरस कहा गया है। पहली बार यह वायरस सम्भत: एक जानवर से शुरू हुआ और मनुष्यों में फैल गया है और यह संक्रमित व्यक्ति से भी अन्य व्यक्तियों में फैल सकता है। यह विश्व के अन्य देशों में भी फैल चूका है। चीन में कोरोना वायरस के केस दिसम्बर के मध्य में मिलने शुरू हो गए थे। चीन में 31 दिसंबर को निमोनिया का केस मिला जिसके कारण का पता नहीं चला था और फिर बाद में 7 जनवरी 2020 को चीन ने ‘नोवल कोरोना वायरस’ घोषित कर दिया।
इस मौंके पर पुलिस अधीक्षक अभिषे जोरवाल, एडीसी जगदीप ढांडा, एसडीएम गौरी मिड्ढïा, एसडीएम सुभाष चन्द सिहाग, एसडीएम गिरीश चावला, एसडीएम अदिति, नगराधीश कपिल शर्मा, आईएमए के प्रधान डॉ0 कुलदीप, डॉ0 सारवाल, डॉ0 सुनील सादीक, डॉ0 विजय बंसल, डॉ0 एनके ग्रेवाल सहित सम्बधिंत अधिकारी व पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
बाक्स:-कोरोना वायरस के लक्षण – नाक बहना, खांसी, गले में खराश, कभी-कभी सरदर्द और बुखार, जो कुछ दिनों तक रह सकता है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों यानी जिनकी रोगों से लडऩे की ताकत कम है, ऐसे लोगों के लिए यह घातक है। बुजुर्ग और बच्चे इसके आसान शिकार हैं। कोरोना वायरस जानवरों के साथ मानव संपर्क से फैलता है। उन्होंने बताया कि इस विषय के तहत तीव्र श्वसन रोग (बुखार, खांसी, सांस लेने में कठिनाई) एवं निम्न में से सभी या कोई एक कारण भी हो सकता है।
सिविल सर्जन डॉ0 कुलदीप और नोडल अधिकारी संजीव सिंगला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस बारे बैनर और पोस्टर लगाकर जागरूक करने का काम किया जा रहा हैं। नागरिक अस्पताल के ट्रॉमा सैन्टर में कोरोना वायरस की जानकारी बारे पोस्टर लगाए गए हैं, वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर बैनर पोस्टर लगाए गए हैं। इस पोस्टरों व बैनरों पर कोरोना वायरस के लक्षण व बचाव बारे पूरी जानकारी लिखी हैं। साथ ही वायरस से सबसे ज्यादा पीडि़त लोग चीन में होने की जानकारी भी लिखी गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना वायरस को लेकर कैन्ट और नागरिक अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा आपालकालीन स्थिति उत्पन्न होती हैं तो सेना अधिकारियों के साथ भी बैठक कर ली गई हैं, जिसमें निर्णय लिया गया हैं, यदि कोई ऐसी स्थिति आती है तो सेना अस्पतालों मेें मरीजों को भर्ती किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में सभी व्यापक प्रबन्ध कर लिए गए हैं।
बॉक्स:- सुमन का करें प्रयोग – डॉ0 संजीव सिंगला और डॉ0 सुनिल हरी ने देसी तरीके से भी कोरोना से बचने बारे प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सू का मतलब सीधा हाथ पूरी तरह से धोंए, यू का मतलब हाथ को उलटा करके पूरी तरह से धोंए और एम का मतलब मुठ्ठïी बनाकर हाथ को धोंए जाना जरूरी हैं। ए का मतलब अंगूठों को पूरी तरह से धोंया जाए और एन का मतलब से हैं कि नाखूनों को भी पूरी तरह से धोंए चंूकि नाखूनों में भी स्वास्थ्य को प्रभावित करने का कीटाणु हो सकते हैं और अन्त में के का उपयोग करना भी बहुत जरूरी है, के मतलब कलाई। कलाई को भी पूरी तरह से धोंए। इसमें साबुन या फिर हैंड सैनेटाईजर का प्रयोग करें। सबसे बड़ी बात यह हैं कि कोरोना को दहशत का सिंबल मत बनने दें।
बॉक्स:- बैठक में यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति विदेश से आता हैं या कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, यदि आप उसके सम्पर्क में आते हैं तो आपकों कई बातों ध्यान रखने की जरूरती है जैसे सबसे पहले अगले 14 दिनों तक सबके साथ सम्पर्क सीमित करें, अलग कमरें में सोएं। छिंकते और खासते समय नाक व मुहं ढकें, नियमित रूप से हाथ और मुहं धोंए। जिस व्यक्ति को खांसी या जुखाम हैं उस व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर की दूरी हमेशा बनाए रखें। डाक्टरों से सम्पर्क आवश्य रखें।
अम्बाला, 6 मार्च:- उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने आज अपने कार्यालय में सीएम विंडो, सरल पोर्टल, एसएमजीटी, सीपी ग्राम, आदि विषयों पर विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन सभी विषयों पर तेजी से कार्य करने बारे निर्देश दिये। बैठक के दौरान 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में पुलिस डीएवी स्कूल के सभागार में प्रात: 10 बजे होने वाले कार्यक्रम में सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित हों, इस बारे भी निर्देश दिये।
उपायुक्त ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैठक में रखे सभी बिन्दूओं बारे समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें ताकि इन कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने लिंगानुपात सुधार में जिला अम्बाला को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्बन्धित सभी अधिकारियों द्वारा इस दिशा में किये गये कार्यों के लिये उन्हें बधाई भी दी। उपायुक्त ने कहा कि 8 मार्च को पुलिस डीएवी स्कूल के सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, जिसमें गुरूग्राम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल वी.सी. के माध्यम से पोषण पखवाड़ा व अन्य विषयों पर रूबरू होंगे। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चन्द गुप्ता बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। उन्होंने कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन के लिये महिला एवं बाल विकास अधिकारी एवं आयुष विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे परिसर में अपने विभाग से सम्बन्धित स्टाल लगायें ताकि उनके विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सके। इसके साथ-साथ एक संस्था द्वारा वहां पर जूट के बैग भी वितरित किये जायेंगे। उन्होंने कार्यक्रम में सभी अधिकारियों को स्वंय उपस्थित होने बारे कहा ताकि कार्यक्रम को भव्य तरीके से मनाया जा सके।
बैठक के क्रम में उपायुक्त ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल व मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना पर पंजीकरण की स्थिति बारे जानकारी हासिल की और कृषि विपणन बोर्ड व कृषि विभाग के अधिकारियों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अधिक से अधिक किसानों को अपनी फसल का पंजीकरण करवाने के लिये कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को इस बारे जागरूक करें कि गेहूं के सीजन में पंजीकृत किसानो की फसलों को प्राथमिकता के आधार पर खरीदने का काम किया जायेगा, इसीलिये प्रत्येक किसान अपनी फसल का पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना विषय पर भी पंजीकरण कार्य में तेजी लायें। उन्होंने बैठक में स्पष्ट किया कि जो भी सीएससी सेंटर इन दोनो विषयों में किसी प्रकार की लापरवाही बरतता है तो उसे ब्लैकलिस्ट करने का काम किया जायेगा।
उपायुक्त ने बैठक के दौरान यह भी बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक व पोलिथिन का प्रयोग न करने बारे लोगों को जागरूक किया गया है, विशेषकर मुख्य स्थानों पर स्टाल लगाकर लोगों को 5 रुपये में जूट के बैग उपलब्ध करवाये गये हैं, ताकि लोग इन बैगों का प्रयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि इन स्थानो पर पोलिथिन किसी भी सूरत में बिकना नही चाहिए। प्रशासन का कार्य जुर्माना एकत्रित करना नही है बल्कि लोगों को जूट के बैग दैनिक प्रयोग में लाने के लिये प्रेरित भी करना है। उन्होंने बताया कि जिन स्थानो पर स्टाल लगाकर लोगों को यह बैग उपलब्ध करवाये गये हैं, वहां पर डयूटी पर तैनात अधिकारी इस व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे कि वहां पर पोलिथिन का प्रयोग न हो।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल, एडीसी जगदीप ढांडा, एसडीएम गौरी मिड्ढा, एसडीएम सुभाष चन्द्र सिहाग, एसडीएम गिरीश चावला, एसडीएम अदिति, नगराधीश कपिल शर्मा, सिविल सर्जन डा0 कुलदीप सिंह, डीडीपीओ प्रताप सिंह, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
गौतम देव द्वारा 

 

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