मंत्रियों के समूह ने नोवेल कोरोनावायरस की वर्तमान स्थिति तथा रोकथाम संबंधी कार्रवाई की समीक्षा की

प्रधानमंत्री के निर्देश पर, देश में नोवेल कोरोनावायरस (विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सीओवीआईडी-19 नामकरण किया गया) के प्रबंधन के बारे में की गई तैयारियों तथा उपायों की समीक्षा, निगरानी और मूल्यांकन के लिए एक उच्च स्तरीय समूह मंत्री (जीओएम) का गठन किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में पहली बैठक 3 फरवरी, 2020 को निर्माण भवन में आयोजित की गई थी तथा जीओएम की दूसरी बैठक आज यहां आयोजित की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इसकी अध्यक्षता की। उनके साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री हरदीप एस. पुरी,  विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय, जहाजरानी, ​​रसायन और उर्वरक मंत्रालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनसुख मंडाविया और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे उपस्थित थे।

सीओवीआईडी​​-19 की स्थिति के बारे में जीओएम को एक विवरण प्रस्तुत किया गया। सदस्यों को केरल से तीन मामलों की मौजूदा स्थिति के बारे में अवगत कराया गया। भारत में सीओवीआईडी-19 रोग के प्रबंधन के लिए निवारक कदम और उपाय प्रस्तुत किए गए, जिसमें चीन से सभी यात्रियों के लिए वीजा के अस्थायी निलंबन के बारे में यात्रा चेतावनी संबंधी विवरण शामिल था।

जीओएम को दो पृथक केंद्रों के बारे में भी बताया गया, जिसमें वुहान से लाए गए 645 व्यक्ति मौजूद हैं। शिविरों का रखरखाव सशस्त्र बलों और आईटीबीपी द्वारा किया जा रहा है। सभी निवासियों की दैनिक आधार पर चिकित्सकीय जांच की जाती है। जीओएम को अवगत कराया गया कि जांचोपरांत सभी निवासियों को सीओवीआईडी-2019 से मुक्त पाया गया है।

इसके अलावा, जीओएम को यह भी बताया गया कि आज तक कुल 2,315 उड़ानों सहित कुल 2,49,447 यात्रियों की जांच की गई है। विशेष रूप से नेपाल की सीमा के पार से आने वाले यात्रियों की 21 हवाई अड्डों, अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर जांच की जा रही है। चीन, हांगकांग, सिंगापुर और थाईलैंड सहित जापान एवं दक्षिण कोरिया की सभी उड़ानों में व्यापक जांच की जा रही है। इसके अलावा, 34 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में फिलहाल 15,991 लोग सामुदायिक निगरानी में हैं। परीक्षण के लिए भेजे गए कुल 1,671 नमूनों में से केवल 3 नमूनों में नोवेल कोरोनावायरस की पुष्टि हुई थी। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे को सीओवीआईडी-19 को लेकर डायग्नोस्टिक समन्वय के लिए एक नोडल केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा, 14 क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं को भी सक्रिय तथा मानकीकृत किया गया है, जहां नमूनों का परीक्षण किया जा रहा है।

जीओएम को यह भी अवगत कराया गया कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और एन-95 मास्क जैसी पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है और सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में स्थिति पर निकटतापूर्वक नजर रखी जाती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, कैबिनेट सचिव के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव द्वारा तैयारियों तथा कार्यों की प्रतिदिन उच्चतम स्तर पर समीक्षा की जा रही है। एक  कंट्रोल रूम 24×7 चालू है (011-23978046)। आईईसी सामग्री तैयार करके प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित की जा रही है। जनता को अद्यतन जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रतिदिन संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

बैठक में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव सुश्री प्रीति सूदन, विदेश सचिव श्री एच वर्धन श्रींगला, नागरिक उड्डयन सचिव श्री प्रदीप सिंह खारोला, विशेष सचिव (स्वास्थ्य) श्री संजीव कुमार, विदेश व्यापार महानिदेशक श्री अमित यादव, अपर सचिव (नौवहन) श्री संजय बंदोपाध्याय, गृह मंत्रालय में अपर सचिव श्री अनिल मलिक, और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री लव अग्रवाल के साथ सेना, आईटीबीपी, फार्मा और वस्त्र विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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