Haryana

मातृ भाषाओं का उपयोग एवं प्रचार-प्रसार करें: कुहाड़

बी.एल. वर्मा द्वारा :
महेन्द्रगढ़ 22 फरवरी 2019 :हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय(हकेंवि), महेन्द्रगढ़ में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया। यूनेस्को द्वारा घोषित एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम के अन्तर्गत हकेंवि में मातृभाषा में गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई।
विश्वविद्यालय के राजभाषा अनुभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ ने कहा कि मातृभाषाओं का विकास एवं उनका अधिक से अधिक उपयोग करना हमारा कर्तव्य ही नहीं, बल्कि गर्व का विषय भी है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। प्रतिभागियों में निर्णायक मंडल द्वारा प्रथम, द्वितीय, तृतीय व प्रोत्साहन पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को कुलपति ने पुरस्कार राशि वितरित करते हुए उनके प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर खुशी जाहिर की कि विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में साल-दर-साल प्रतिभागियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कार्यक्रम में स्वामी दयानंद सरस्वती पीठ के पीठाचार्य प्रो. रणवीर सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से देश की विविधतापूर्ण संस्कृति से हम परिचित होते हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. बीर सिंह ने मातृभाषा का महत्व बतलाया। गायन प्रतियोगिता में कुल 31 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने हिन्दी, राजस्थानी, हरियाणवी, मैथिली, भोजपुरी आदि कई भाषाओं में गीत प्रस्तुत करके श्रोताओं का मन मोह लिया। प्रथम पुरस्कार शिक्षा पीठ की आशावरी पंडा के नाम रहा। दूसरे स्थान पर शिक्षा पीठ के राहुल चंद्रा, तीसरे स्थान पर सूक्षजीव विज्ञान विभाग की ज्योति रही तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियंरिंग विभाग के चिरंजीव और सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के अमित को प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान कुलानुशासक प्रो. राजेश कुमार मलिक, इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के प्रोफेसर अमर सिंह सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।