Haryana

मृत्यु के लिए समय और स्थान निश्चित होता है

-महेन्द्रगढ़ में देखने को मिला इसका ताजा उदाहरण
बी.एल. वर्मा द्वारा
महेन्द्रगढ 16 अप्रैल 2019 :कहते हैं कि मृत्यु के लिए समय और स्थान निश्चित होता है। इसका एक ताजा उदाहरण महेन्द्रगढ़ के जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में देखने को मिला। इस कार्यालय परिसर में नीम के पेड़ पर मधुमक्खी का छत्ता लगा हुआ था। इसे तोडऩे के लिए निकटवर्ती गांव सिगड़ी के एक व्यक्ति ब्रह्मदत्त को बुलाया गया। ब्रह्मदत्त हाथ में जलती हुई मसाल लेकर मधुमक्खी के छत्ते को तोडऩे के लिए पेड़ पर चढ़ गया। इसी दौरान जलती हुई मसाल का एक भाग टूट कर पेड़ के नीचे पड़े इंधन पर आ गिरा जिसके कारण इंधन में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटों ने ब्रह्मदत्त को अपनी लपेट में ले लिया। जिसके कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस संबंध में मृतक के दामाद कुलदीप ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर उसे जबरदस्ती मधुमक्खी का छत्ता तोडऩे के लिए मजबूर किया गया। आखिरकार इस दर्दनाक हादसे को लेकर पुलिस ने जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके इसकी जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ मृतक ब्रह्मदत्त का पोस्टमार्टम करके शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना की आज शहर में दिनभर चर्चा रही। लोग यह कहते सुने गए कि मृत्यु के लिए समय और स्थान निश्चित होता है।