युवा क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस की 131वीं जयंती

युवा क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस की 131वीं जयंती

फोटो:  मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से साभार ( युवा क्रान्तिकारी खुदीराम बोस (१९०५ में)   :
रेवाड़ी ,  3 दिसम्बर 2019 : देश के सबसे युवा क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस की 131वीं जयंती हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने अपने कार्यालय में उनके चित्र पर पुष्पाजंली अर्पित करके अपनी भावभीनी श्रद्घाजंली अर्पित की।
इस अवसर पर प्रदीप यादव, कपिल यादव, अजय कुमार, अमन कुमार व कुमारी वर्षा ने भी अपने श्रद्घासुमन शहीद खुदीराम बोस को अर्पित किए। विद्रोही ने इस अवसर पर कहा कि भारत के आजादी इतिहास में शहीद खुदीराम बोस की देश की आजादी के लिए किया गया बलिदान अमूल्य एवं प्रेरणादायक है। मात्र 19 वर्ष की आयु में अंग्रेजी हुकूमत ने शहीद खुदीराम बोस के क्रांतिकारी विचारों व कार्यो से डरकर उन्हे फांसी पर लटका दिया था। 3 दिसम्बर 1889 को जन्मे खुदीराम बोस केवल 18 वर्ष 8 माह 22 दिन की आयु में ही 11 अगस्त 1908 को देश के लिए अपना बलिदान कर दिया था, जिसकी मिसाल दुनिया में बहुत ही कम मिलती है।
विद्रोही ने कहा कि देश की आजादी के लिए फांसी पर चढक़र अपना बलिदान करने वाले वे सबसे युवा क्रांतिकारी थे। इतनी छोटी सी आयु में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष करके अपने को देश के लिए बलिदान कर देना, देशभक्ति की ऐसी मिसाल है जो आज भी हमे बड़ी प्रेरणा देता है। वहीं इतनी छोटी आयु में युवा शहीद खुदीराम बोस को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा फांसी देना, यह भी बताता है कि अंग्रेजी शासन उनसे कितना खौफाजदा था। वहीं यह भी प्रमाणित करता है कि देशभक्तों व क्रांतिकारियों को कुचलने के लिए अंग्रेजी साम्राज्य कितना अमानवीय था। विद्रोही ने का कि शहीद खुदीराम बोस की 131वीं जयंती पर हमे उनकी राष्टï्रभक्ति व देश के लिए सबकुछ बलिदान करने की भावना से प्रेरणा लेकर आज आतंकवाद, साम्प्रदायिकता, जातिवाद, क्षेत्रवाद, असमानता, अन्याय, भ्रष्टïाचार जैसी समाज का विनाश करने वाली बुराईयों के खिलाफ आजीवन संघर्ष करने का संकल्प लेना ही इस महान शहीद को सच्ची श्रद्घाजंली होगी।
विद्रोही ने 35 वर्ष पूर्व 3 दिसम्बर 1984 की रात्रि को भोपाल में यूनियन कार्बाईड में हुए गैस लीक कांड में मारे गए हजारों निर्दोष नागरिकों की 35वीं बरसी पर श्रद्धाजंली देकर उन्हे शत-शत नमन करते हुए त्रासदी के शिकार हुए हजारों लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की। विद्रोही ने कहा कि 35 वर्ष पूर्व यूनियन कार्बाईड के भोपाल कारखाने में गैस लीक कांड ने इतने गहरे जख्म दिये थे जो आज तक नही भरे। इस गैस लीक कांड ने हजारों लोगों को यमलोक पहुंचाया और बचे हजारों पीडि़त आज भी जीवन-मरण के बीच झूल रहे है, जिनका समुचित पुनर्वास भी आज तक नही हुआ है। विद्रोही ने केन्द्र व मध्यप्रदेश सरकार से आग्रह किया कि भोपाल गैस कांड पीडि़तों के पुनर्वास व सहायता के अधूरे कार्यो को शीघ्रता से पूरा किया जाये।

 

 

 

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