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विधानसभा में सत्यनारायण शर्मा  की एक प्रतिभा का दर्शन कराती पुस्तक (जो कहा) 

विधानसभा में सत्यनारायण शर्मा  की एक प्रतिभा का दर्शन कराती पुस्तक (जो कहा) 

विधानसभा में सत्यनारायण शर्मा  की एक प्रतिभा का दर्शन कराती पुस्तक (जो कहा)
विधायक किस तरह आम लोगों के हितों की रक्षा और सरकार की योजनाओं के प्रति सतर्क रहता है
बी.एल. वर्मा / सुरेन्द्र व्यास   द्वारा  :
रायपुर 22 जुलाई 2019 :    सात बार विधानसभा के लिए निर्वाचित विधायक सत्यनारायण शर्मा  की विधानसभा में सक्रियता पर आधारित पुस्तक (जो कहा) का विमोचन हाल ही में विधानसभा में हुआ।
पुस्तक का विमोचन डॉ चरणदास महंत अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा,भूपेश बघेल मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष, टी एस सिंहदेव और रविन्द्र चौबे मंत्री ,बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पूर्व मंत्री के द्वारा किया गया।
इस पुस्तक  को पढऩे से पता चलता है कि एक विधायक किस तरह आम लोगों  के हितों की रक्षा और सरकार की योजनाओं के प्रति  सतर्क रहता है। लोकप्रिय जन नेता होने के साथ-साथ  विधानसभा में अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर सभी प्रकार के विषयों पर अपनी बात रखने का सामर्थ सत्यनारायण शर्मा को एक योग्य कर्मठ विधायक होने का स्वत: प्रमाण है।

विधानसभा में सत्यनारायण शर्मा  की एक प्रतिभा का दर्शन कराती पुस्तक (जो कहा) 
सत्ता पक्ष हो या विपक्ष सभी स्थानों पर सत्यनारायण शर्मा ने जनसमस्याओं के निराकरण को केंद्र में रखा अपने दायित्व निर्वहन और कार्यों के दौरान गंभीर रहने वाले श्री शर्मा विधानसभा में जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक उलझ जाते हैं। तब हास परिहास के जरिए  सदन में व्याप्त तनाव को कम करने  में सक्षम हैं।
300 पृष्टों की पुस्तक में एक लोकप्रिय विधायक  किस तरह जन भावनाओं के अनुरूप उनकी समस्याओं का अध्ययन कर निदान के लिए सुझाव के साथ विधानसभा में मुखरता से आवाज बुलंद करता है ,आभास होता है।
विधानसभा में सत्यनारायण शर्मा के  वक्तव्य चयन एवं संपादन के जरिए वरिष्ठ पत्रकार सुरेश शुक्ला मैं अपनी पूर्ण योग्यता का परिचय दिया है । सत्यनारायण शर्मा की कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर श्री शुक्ला पिछले कई वर्षों से  उनके साथ जनसेवा के कार्य में लगे हुए हैं।

विधानसभा में सत्यनारायण शर्मा  की एक प्रतिभा का दर्शन कराती पुस्तक (जो कहा) 
दैनिक अखबारों के संपादन के साथ श्रमजीवी पत्रकार संघ मैं विभिन्न पदों पर रहते हुए पत्रकारों और पत्रकारिता के हित के लिए उनकी सेवाएं अविस्मरणीय हैं । दिल्ली के राष्ट्रीय परिषद सदस्य के रूप में भी वे सक्रिय रहे। विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उनका कार्य अनुकरणीय है।
सतनारायण शर्मा को नजदीक से जानने के कारण यथार्थ  के दर्शन इस पुस्तक में होते हैं । उन्होंने इस पुस्तक के माध्यम से उनके कृतियों को यथावत प्रस्तुत  किया है। चतुर्थ विधानसभा के 16 सत्र जुलाई 2018 में सत्यनारायण शर्मा को जागरूक विधायक का खिताब दिया गया। य मंदिर हसौद और रायपुर ग्रामीण का प्रत्येक नागरिक सत्यनारायण शर्मा  की जन सेवा भावना और श्रम से परिचित है।
मध्य प्रदेश आवास संघ हो या भारत स्काउट एंड गाइड का दायित्व उन्होंने अपना अमिट छाप छोड़ा है विधानसभा में किसान मजदूर विद्यार्थी महिला  युवा अनुसूचित जाति जनजाति सभी वर्ग की समस्याओं को मुखर ता से उठाया। रेत माफियाओं के हौसले बुलंद का मामला हो , अवैध शराब विक्रय हो  ,सस्ती शराब पर  महंगा लेबल लगाने की बात हो , धार्मिक स्थल के पास शराब दुकान  हटाने की मांग हो।
अपनी बात रखने का उनका अंदाज ही अलग होता है। जब वे कहते हैं बात करते हो गंगा की बहाते हो शराब की गंगा ,,तो सरकार पर करारा वार करते हैं। बिना मुआवजा दिए जमीन अधिग्रहण ना हो की मांग पूरी दमदारी से उठाया। इसके साथ ही गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य पर सरकार को कई बार घेरने के साथ अपराध नियंत्रण महिलाओं की सुरक्षा पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दे भी उठाएं।
अपराध पर चिंता जताते हुए कहते हैं मंत्री जी लोगन नासमझ खा जाएंगे तो इसका भाव समझना पड़ता है। जब सत्यनारायण जी कहते हैं कि आप छत्तीसगढ़ शांति का टापू नहीं रहा तो यह बढ़ते अपराध पर उनकी चिंता को स्पष्ट करता है।  जब कहते हैं कि 5000 डिस्पेंसरी या बंद हो गई तो स्वास्थ्य के प्रति उनकी चिंता उजागर होती है  शहीद परिवार की सुरक्षा के साथ फर्जी मुठभेड़ पर पर भी उनकी नजर होती है।
ध्यानाकर्षण के माध्यम से उन्होंने आंख फोड़ वा कांड में 13 महिलाओं की मौत नोटबंदी से आम लोगों की परेशानी के साथ जीएसटी का भी मुद्दा उठाया7  शिव डहरिया की माता की हत्या बीज की उपलब्धता खाद की कमी सहित कई विषय पर गंभीरता से अपनी बात रखी बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है कहते हैं तो प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा छोटे कर्मचारियों को प्रताड़ित किए जाने का भाव स्पष्ट होता है।
जब जरूरत पड़ी तो विपक्ष में रहते हुए भी सरकार की तारीफ करने में पीछे नहीं रहे।  विश्वविद्यालय खोलने  की खुलकर तारीफ की। इसी तरह अनुपूरक बजट पर चर्चा हो या कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हो राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हो या अनुदान मांगों पर चर्चा हो
श्री शर्मा ने अपनी कुशाग्र बुद्धि  और  वाकपटुता का परिचय दिया। बहुचर्चित नान घोटाले पर चर्चा हो लाठीचार्ज  पर चर्चा हो नई राजधानी के किसानों की चिंता हो शिक्षकों की कमी धान की गुणवत्ता लगभग सभी विषयों पर विधानसभा में अपनी बात रखने का सामर्थ सत्यनारायण शर्मा में नजर आता है।
विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत हो या पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल या प्रेम प्रकाश पांडे सभी ने इस पुस्तक के प्रकाशन पर हर्ष व्यक्त किया है।   एक विधायक किस तरह तमाम विषयों पर गंभीरता के साथ अपनी बात रखता है ,कितना अधिक अध्ययन की आवश्यकता पड़ती है, जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पक्ष रखना एक बड़ी चुनौती होती है। सभी पक्षों में सत्यनारायण शर्मा सफल नजर आते हैं।
सुरेश शुक्ला  ने (जो कहा) के माध्यम से उनके विराट व्यक्तित्व को जनता के बीच  लाने का सफल प्रयास किया है।

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