Haryana

शहर में पहली बार चली सीटी बस सेवा शुरू

शहर में पहली बार चली सीटी बस सेवा शुरू
-कालेज जाने वाले छात्रों को नहीं जाना पड़ेगा पैदल
-आम लोगों को सस्ती व आसार सुविधा मिलने लगेगी
बी.एल. वर्मा द्वारा
नारनौल 9फरवरी 2019 : शहर में पहली बार सीटी बस सेवा शुरू कर दी गई है। इस सेवा के लिए वर्षों से शहर के आम लोगों की मुख्य मांग थी। आम लोगों की सुविधाओं को देखते हुए तथा निजी टेम्पू चालकों की मनमानी से छुटकारा दिलाने के लिए यह सेवा हरियाणा राज्य परिवहन विभाग द्वारा शुरू की गई है। शुक्रवार को यह सेवा शुरू की गई थी। लेकिन पहले दिन आम लोगों की इसकी पूरी जानकारी नहीं होने से लोग इसका लाभ पूरी तरह से नहीं उठा सके, लेकिन आज इस सीटी बस सेवा का लाभ उठाने वालों की संख्या हजारों तक पहुंच गई है। धीरे-धीरे इस सेवा का लाभ उठाने वालों की संख्या बढऩे लगेगी।
बस का ये रहेगा रूट:
यह बस सब स्टेण्ड से चलेगी। इस बस का मार्ग महावीर चौक से नई मण्डी, नागरिक अस्पताल, महिला कालेज, किला रोड, मेहता चौक, सुभाष स्टेडियम, निजामपुर रोड, हिरो होण्डा चौक से बस स्टेण्ड होगा। इसके कुल 9 स्टोपिज होंगे। इस बस का किराया कम से कम पांच रुपए तथा ज्यादा दूरी का किराया सात रुपए तथा दस रुपए होगा। अभी इस सेवा में केवल एक की बस चलाई गई है। उम्मीद है कि इसमें और भी बसों की व्यवस्था की जाएगी।
निजी टेम्पू मालिकों से लूट व मनमानी से मिलेगी राहत:
इससे पहले शहर में सीटी टेम्पू चलती थी। इसमें शहर के लगभग 200 टेम्पू चल रहे थे। आम लोग उक्त टेम्पू चालकों की मनमानी तथा गलत व्यवहार से परेशान रहते थे। इसके साथ ही उक्त टेम्पू चालक मुख्य सडक़ मार्ग पर जाम लगाने की स्थिति भी खड़ी कर देते थे। अनेक अवसर तो ऐसे भी अवसर देखे गए हैं कि उक्त टेम्पू चालक अपने टेम्पू को सडक़ के बीच में ही रोककर सवारियों उतारते थे तथा चढ़ाते थे। ऐसी स्थिति में पीछे से अपने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती थी। टेम्पू चालकों की मनमानी के चलते अनेक बार शहर में दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
शहर के आम लोग हुए खुश:
शहर के आम लोग प्रशासन की इस कार्रवाई से काफी खुश नजर आ रहे हैं। आम लोगों की कहना है कि इससे कालेजों तथा स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों विशेषकर लड़कियों को लगभग दो किलोमीटर तक पैदल नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही आम लोगों को किराए में भी लाभ मिलेगा। ज्ञातव्य है कि टेम्पू चालक सवारियों से 10 रुपए लेते थे। वे इससे कम किराया चार्ज नहीं करते थे, चाहे वे दो सौ मीटर तक ही क्यों ने जा रहे हों। इसके अलावा निजी टेम्पू चालक जगह-जगह अपने टेम्पू को खड़ा करके रोक देते थे। जो सफर 10 मिनट में तय किया जा सकता है वह सफर टेम्पू चालक आधा घंटे में तय करते थे। जल्द जाने वाली सवारियों को इसमें बड़ी परेशानी होती थी। जल्दबाजी करने वाली सवारियों को टेम्पू चालक धमकाने में पीछे नहीं रहते थे।
अभी और सुधार की है दरकार:
शहर में सीटी बस सेवा शुरू तो कर दी है लेकिन अब भी इसमें सुधार की काफी आवश्यकता है। अब जो बस चलाई जा रही है वह बड़ी बस है। बस ऊंची होने के कारण आम महिला तथा बुजुर्ग इस पर चढऩे में परेशानी महसूस करते हैं। ज्यादा जल्दबाजी में कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है। इसके लिए अब लोगों ने सरकार से मांग की है कि बस छोटी हो तथा आम बसों से नीची भी होनी चाहिए। अब तक केवल एक ही बस चलनी शुरू हुई है, जो कि केवल एक तरफ से ही जा रही है। सवारियों के वापस आने के लिए दूसरी बस की सुविधा जरूर होनी चाहिए, जो कि अभी तक नहीं है। शहर के आम लोगों ने प्रशासन को इसके लिए धन्यवाद तो दिया है लेकिन प्रशासन से मांग की है कि इस रूट पर चार छोटी बसें चलाई जानी चाहिए। शहर में दो बसे एक तरफ से तथा दो बसें दूसरी तरफ से आवागमन करने में आम लोगों को ज्यादा सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही उक्त सीटी बसें सुबह सात बजे से शाम के सात बजे तक चलनी चाहिएं।
क्या कहना है रोडवेज महाप्रबंधक का:
इस संबंध में रोडवेज महाप्रबंधक राजीव नागपाल ने बताया कि शहर में सीटी बस सेवा चलाने की मांग काफी समय से चल रही थी। लोगों की सुविधाओं को देखते हुए विभाग ने शुक्रवार से सीटी बस सेवा शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने फरीदाबाद से तीन छोटी 36 सीटर बसें लाने की योजना बनाई है। रविवार या सोमवार तक वे स्वयं इस कार्य में रुचि लेते हुए फरीदाबाद से संपर्क कर तीन बसें लाने का प्रयास करेंगे। ये 36 सीटर बसें छोटी तथा नीची हैं जिससे शहर में न तो जाम की स्थिति होगी तथा न ही महिलाओं, लड़कियों व बुजुर्गों के चढऩे व उतरने में परेशानी होगी।