Haryana Hindi News

श्रद्धा और उल्लास से कृष्ण कृपा परिवार द्वारा मनाया गया होली उत्सव

 

अहंकार, ईष्र्या और द्वेष के नाश का प्रतीक है होलिका दहन : स्वामी ज्ञानानंद

कुरुक्षेत्र 21 मार्च (गौतम देव शर्मा   ) : श्रीकृष्ण कृपा परिवार द्वारा गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी के सान्निध्य में होली उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। श्री कृष्ण कृपा गऊशाला में आयोजित इस होली उत्सव में प्रसिद्ध भजन गायक लखविंद्र सिंह लक्खा, दीक्षा शर्मा, सुनील वत्स, रतन लाल रसिक इत्यादि ने आज बृज में होली रे रसिया, होली खेडणी श्याम दे नाल तथा मैं बरसाने जाणा ए, मैंनू चढ़ग्या राधा रंग इत्यादि भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे। होली उत्सव पर पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम में लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, भाजपा जिला प्रधान धर्मवीर मिर्जापुर, भाजपा नेता धुम्मन सिंह किरमच, हंसराज सिंगला, विजय नरूला, सुनील वत्स, महेंद्र सिंगला, सतपाल सिंगला सहित नगर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

होली उत्सव पर उपस्थित श्रद्धालुओं को व्यासपीठ से आशीर्वचन देते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि होलिका दहन अहंकार, अहम और ईष्र्या के दहन का प्रतीक है। इन सबका दहन होने के पश्चात ही मनुष्य पर प्रेम का रंग चढ़ता है। उन्होंने कहा कि अहंकार और विश्वास हर युग में टकराता रहा है। प्रत्येक युग में विश्वास की विजय होती है और अहंकार का नाश होता है। होलिका दहन में भी होलिका के अहंकार का नाश हुआ था। जबकि प्रह्लाद के विश्वास की जीत हुई थी। उन्होंने कहा कि नारायण कहां नहीं हैं, यह विश्वास का प्रतीक है और नारायण कहां है, यह प्रश्र करना अहंकार का प्रतीक है। स्वामी जी ने कहा कि त्यौहार हमारी परंपरा और संस्कृति का प्रतीक हैं। कृष्ण कृपा परिवार नई पीढ़ी को उनकी संस्कृति और परम्पराओं की याद दिलाने के लिए समय-समय पर आने वाले त्यौहारों में उत्सवों का आयोजन करता है। स्वामी जी ने कहा कि कृष्ण कृपा परिवार गौ और गीता सेवा के प्रति समर्पित है। उन्होंने कहा कि गीता का घर-घर में प्रसार हो, इसके लिए जिओ गीता संस्था तथा कृष्ण कृपा परिवार प्रयासरत है। इस साल मारीशस में अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती समारोह का आयोजन किया गया और आगामी गीता जयंती इंग्लैंड में मनाने के लिए वहां के 10 सांसदों ने मुहिम छेड़ रखी है। स्वामी जी ने श्रद्धालुओं से गऊ सेवा और गीता का घर-घर में प्रचार करने की अपील की। कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानंद जी ने पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा को स्मृति चिह्न के स्वरूप में अपना आशीर्वाद दिया।