सनी देओल पर न पड़े बादलों का नेगेटिव इफेक्ट, तभी भाजपा ने दूर रखा ः चीमा

इसलिए ही तो नामांकन करवाने नहीं आए, बादल पिता-पुत्र और मजीठिया
कपूरथला ३० अप्रैल २०१९ : ः सुल्तानपुर लोधी से कांग्रेसी विधायक नवतेज सिंह चीमा ने कहा कि बेशक भाजपा अकाली दल को अपना सहयोगी मानती हैं, लेकिन सूबे में बादल पिता-पुत्र और मजीठिया की नकारात्मक छवि कहीं न कहीं भाजपा को भी प्रभावित कर रही है। तभी तो सनी देओल पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उपमुख्यमंत्री व शिअद सुप्रीमो सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की नकारात्मक छवि का असर न हो, इसलिए भाजपा ने गुरदासपुर में सनी देओल के नामांकन के समय रखे समारोह में सहयोगी दल अकाली दल के शीर्ष नेताओं को दूर रखा।चीमा ने बादल-पिता पुत्र पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि सूबे में अकाली दल के खिलाफ बने माहौल का असर सनी देओल और उसके चुनाव प्रचार पर पड़े। क्योंकि बहुत मिन्नत-मनौव्वल के बाद तो भाजपा की केंद्रीय शीर्ष नेताओं की टीम ने सनी देओल को गुरदासपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया है। ऐसे में बादलों की नेगेटिव छवि का असर उनके स्टार प्रत्याशी पर न हो,इस‌ीलिए भाजपा ने पूरी योजना के साथ प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल को पास तक नहीं फटकने दिया।
अब तक सूबे में जहां भी शिअद-भाजपा प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किए हैं, वहां पर सुखबीर बादल और‌ बिक्रम सिंह मजीठिया की मौजूदगी रही है। कई जगह पर तो प्रकाश सिंह बादल भी गए हैं। लेकिन गुरदासपुर में गठबंधन धर्म की गांठ क्यों ढीली पड़ गई, इससे ही अंदाजा लग सकता है कि खुद अकाली दल को लोकसभा में अपनी हार साफ नजर आ रही है। विधायक चीमा ने कहा कि बठिंडा में लोग केंद्रीय मंत्री हरसिमरत सिंह बादल के काफिले को काले झंडे दिखा रहे हैँ और समारोह में जनता के बीच में से उठकर सवाल पूछने वाले को अकाली समर्थकों की ओर से सरेआम पीटा जा रहा है। जिससे समारोह में हंगामा हो रहा है।
यह जनता का गुस्सा है, जो अब अकालियों के समारोहों में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि बादल और मजीठिया ने जो बोया है, वहीं काट रहे हैं। सुखबीर सिंह बादल की छत्रछाया में बिक्रम सिंह मजीठिया ने दस साल खूब चिट्टा बिकवाया। मजीठिया तो चिट्टे का किंगपिन रहा है। वहीं बादल सरकार के समय में बहिबल कलां और बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं ने पंजाब को आग में धकेल दिया और खुद बादल पिता-पुत्र की शमूलियत की बातें सामने आई। इसी वजह से सूबे में बादलों के खिलाफ नकारात्मक माहौल बढ़ रहा है। तभी तो भाजपा इस नकारात्मक माहौल की छवि से खुद को अलग रखना चाहती है।

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