सरकारी सामुदायिक केंद्र के भवन को रात के अंधेरे में किया डिमोलिश, नप को खबर तक नहीं

सरकारी सामुदायिक केंद्र के भवन को रात के अंधेरे में किया डिमोलिश, नप को खबर तक नहीं -मौके पर बिजली के खंभे भी टूटे लेकिन दोनों विभाग मौन, मोहल्ले के लोगों में रोष

नारनौल,20 फरवरी,2020: शहर के पुरानी मंडी के पास स्थित मोहल्ला कोलियान में 25 साल पहले बनाये गए सरकारी सामुदायिक केंद्र के भवन को कुछ लोगों ने रात के अंधेरे में डिमोलिश कर दिया।

जब ये लोग इस भवन को ढहा रहे थे तो भवन के साथ खड़ा बिजली का खंभा और उससे गुजर रही बिजली की लाइनें भी टूट गई, जिसके कारण मोहल्ले में रात भर अंधेरा छाया और अभी तक भी बिजली बाधित है। सुबह जब मोहल्ले के लोगों ने सरकारी भवन को ढहाया हुआ देखा तो यह चर्चा का विषय बन गया कि आखिर रातोंरात इस सरकारी भवन को किसने और किसके आदेशों पर ढहाया है।

इस घटना की सूचना मोहल्ले के लोगों व वार्ड के पार्षद हरीश कुमार ने नगर परिषद के अधिकारियों तथा बिजली निगम के अधिकारियों को दी। हैरानी की बात तो यह है कि सुबह आफिस खुलने के तुरंत बाद सूचना नप अधिकारियों व बिजली निगम के अधिकारियों को देने के बावजूद शाम करीब साढ़े तीन बजे नप के अधिकारी मौके पर पहुंचे, परंतु बिजली निगम के अधिकारी तो उस समय तक भी मौके पर नहीं पहुंचे थे, जिसको लेकर मोहल्ले में तरह-तरह की चर्चा थी कि आखिर कही इस सरकारी भवन को ढहाने के पीछे भू माफियाओं या प्रापटी डीलरों का तो हाथ नहीं है।

यहां यह भी बता दें कि इस सरकारी सामुदायिक भवन का निर्माण वर्ष 1996 में प्रधानमंत्री गरीबी उन्मूलन निवारण कार्यक्रम के तहत हुआ था और इसका निर्माण नगर परिषद ने करवाया था। उसके बाद से इस भवन का रखरखाव मोहल्ले की एक संस्था कर रही थी लेकिन बीती रात इस भवन को अचानक ढहा दिया गया।

भवन ढहाने में शामिल पांच लोगों की पहचान, पुलिस में दर्ज करवाया जाएगा मुकदमा: जेई

इस बारे में शाम को मौका देखने गए नप के जेई विकास शर्मा ने बताया कि नगर परिषद द्वारा दो दशक पहले बनवाये गए इस सरकारी सामुदायिक केंद्र भवन को ढहाने में शामिल रहे मोहल्ला कोलियान के पांच लोगों की पहचान की गई है। जिनमें प्रवीन पुत्र सुभाष, विजय पुत्र किशोरीमल, हरसिंह पुत्र पोकरमल, भोलाराम पुत्र मूलचंद व रामनिवास पुत्र कन्हैया लाल शामिल है।

जेई ने बताया कि इन लोगों ने इस भवन को ढहाने के पीछे अपना तर्क दिया है यह भवन जर्जर हो गया था, इसलिए ढहाया गया है। जेई विकास शर्मा ने यह भी बताया कि सरकारी भवन किसी निजी व्यक्ति को गिराने की अनुमति नहीं है। दूसरा नप की सूची में यह भवन कंडम भी घोषित नहीं है। प्रथम दृष्टïया इन लोगों ने सरकारी भवन को अपने स्तर पर ढहाकर कानून का उंल्लघन करने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है, इसलिए इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बी.एल. वर्मा द्वारा

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