सी.एल फार्मस मालिकों ने नप अधिकारियों को खडा किया कठघरे में

सी.एल फार्मस मालिकों ने नप अधिकारियों को खडा किया कठघरे में

सीएल फार्मस मालिकों ने नप अधिकारियों को खडा किया कठघरे में, शहर में दर्जनों मैरिज होम कार्रवाई एक पर ही क्यों ?
-एक तरफ भरवा रही है हाउस टैक्स दूसरी तरफ भवन निर्माण को ठहरा रही है अवैध

नारनौल, 20 फरवरी,2020 :  शहर के नामी मैरिज होम सीएल फार्मस पर नप के सीलिंग आदेशों का मामला उपायुक्त की अदालत में पहुंचने के बाद सीएल फार्मस के मालिकों ने नारनौल नगर परिषद के अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सोमवार को सीएल फार्मस के मालिकों व उनके अधिवक्ता ने यहां के अपार होटल में एक प्रेस कांफ्रेंस करके नारनौल नप के अधिकारियों को ही कठघरे में खडा कर दिया है।

उन्होंने नप के वर्तमान इओ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नारनौल शहर में वर्तमान में करीब दो दर्जन मैरिज होम चल रहे हैं। किसी का भी नियमानुसार नक्शा पास नहीं है, फिर नगर परिषद ने उनके मैरिज होम को ही टारगेट क्यों बनाया हुआ है यह एक बड़ा सवाल है।

फार्मस के मालिकों व उनके अधिवक्ता ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने 30 जून 2014 को नप के समक्ष नक्शा प्रस्तुत किया था। आवेदन करने के काफी समय व्यतीत होने के बाद जब नप ने उनके आवेदन की मंजूरी या अन्य कोई औपचारिकता पूरी करने बारे सूचना नहीं दी तो उन्होंने पालिका एक्ट 1973 की धारा 205 के तहत अपना निर्माण कार्य पूरा कर लिया।

निर्माण पूरा करने के बाद उन्होंने मैरिज होम में 22 फरवरी 2015 को पहला विवाह समारोह भी संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि उनसे द्वेष रखने वाले जवाहर नगर निवासी रमेश कुमार ने उनके सीएल फार्मस की शिकायत एसडीएम को कर दी।

जिस पर तत्कालीन नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने 13 जनवरी 2016 को धारा 208 के तहत नोटिस प्रेषित कर दिया। सीएल फार्मस मालिकों के अनुसार इस नोटिस का जवाब उन्होंने दो दिनों बाद ही दे दिया था, जिसमें यह भी अवगत करवाया था कि यह नोटिस निर्माण कार्य पूरा होने के छह माह बाद नहीं दिया जा सकता और इसके बाद नप ने उनकी फाइल बंद कर दी।

सीएल फार्मस मालिकों ने पत्रकारों को बताया कि हैरानी की बात तो यह है कि इसके बाद नगर परिषद वर्ष 2014 से 2017 का संपत्ति कर उनसे 27 मार्च 2018 को भरवा चुकी है और अब पिछले महीने 17 जनवरी 2020 को नप के कार्यकारी अधिकारी उनके सीएल फार्मस को अवैध निर्माण बताकर उस पर सील लगाने के आदेश जारी कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि नप के अधिकारी उनके फार्मस के खिलाफ ऐसे व्यक्ति की शिकायत पर कार्रवाई कर रहे हैं, जिसको माननीय हाईकोर्ट ने ब्लैकमेलर तथा धन ऐंठने की लालसा से प्रेरित होकर कार्रवाई करने का आदी बताया है। साथ ही इस व्यक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में ही अदालत की अवमानना का मामला भी लंबित है।

फार्मस के मालिकों ने बताया कि वे मैरिज पैलेस के निर्माण को रेगुलराइज करवाने तथा नप के तथाकथित राजस्व नुकसान को भरने के लिए नप के अधिकारियों को बार-बार कह चुके थे लेकिन आज तक नप अधिकारियों ने उनको यह नहीं बताया कि आखिर उन्हें कितना रुपये जमा करवाना है। इस प्रकार नप के अधिकारी अपनी खुद की गलती का ठीकरा जान बूझकर फार्मस मालिकों पर फोड रही है। नप के अधिकारियों के पास इस बात का भी कोई जवाब नहीं है कि आज तक शहर के अन्य कितने मैरिज पैलेसों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

क्या कहते हैं नप अधिकारी:
इस बारे में नप के इओ अभय सिंह ने बताया कि सीएल फार्मस मालिकों ने सीएलयू के लिए फाइल लगाई थी लेकिन अब सीएलयू के लिए आनलाइन आवेदन का प्रावधान हो गया है, इसलिए उनकी फाइल वापस लौटा दी गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि वे संबंधित अधिकारी को शहर के अन्य मैरिज होमों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए लिख चुके हैं। शीघ्र कार्रवाई अमल में लाएगी जाएगी ( बी.एल. वर्मा द्वारा ):

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