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स्मार्ट फोनों के साथ-साथ स्कूल-कालेजों में अध्यापक यकीनी बनाऐ सरकार -मीत हेयर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए केजरीवाल सरकार से सबक लें कैप्टन -रुपिन्दर कौर

स्मार्ट फोनों के साथ-साथ स्कूल-कालेजों में अध्यापक यकीनी बनाऐ सरकार -मीत हेयर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए केजरीवाल सरकार से सबक लें कैप्टन -रुपिन्दर कौर

स्मार्ट फोनों के साथ-साथ स्कूल-कालेजों में अध्यापक यकीनी बनाऐ सरकार -मीत हेयर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए केजरीवाल सरकार से सबक लें कैप्टन -रुपिन्दर कौर

सुरेन्द्र व्यास द्वारा :

चण्डीगढ़, 4 दिसंबर 2019 :आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रवक्ता और नौजवान विधायक मीत हेयर और विधायका रुपिन्दर कौर रूबी ने कैप्टन सरकार की ओर से अगले माह विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन बांटे जाने सम्बन्धित किये जा रहे दावे पर प्रतिक्रिया देते कहा कि जब तक कैप्टन सरकार अपने वायदे मुताबिक सभी नौजवानों /विद्यार्थियों को हाथों में स्मार्ट फोन नहीं पकड़ा देती तब तक सरकार के किसी भी दावे-वायदे पर कोई यकीन नहीं कर सकता, क्योंकि 129 पन्नों के चुनाव मनोरथ पत्र में बड़े-बड़े वायदे करने वाले कैप्टन अमरिन्दर सिंह अपने तीन सालों के कार्यप्रणाली के दौरान एक भी वायदा पूरी तरह लागू नहीं कर सके और अब न केवल पंजाब के लोग बल्कि खुद कांग्रेसी विधायकों का अपनी कांग्रेस सरकार से मोह भांग हो चुका है।

स्मार्ट फोनों के साथ-साथ स्कूल-कालेजों में अध्यापक यकीनी बनाऐ सरकार -मीत हेयर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए केजरीवाल सरकार से सबक लें कैप्टन -रुपिन्दर कौर

‘आप’ हैडक्वाटर द्वारा जारी बयान में मीत हेयर और रुपिन्दर कौर रूबी ने कहा कि आज स्कूल-कालेजों के विद्यार्थियों को स्मार्ट मोबाइल फोनों की अपेक्षा अध्यापकों की ज्यादा जरूरत है। राज्य के सरकारी कालेजों में लैक्चररों की 2 दशकों से कोई पक्की भर्ती नहीं हुई। दर्जनों स्कूलों में एक भी रेगुलर अध्यापक नहीं और सैंकड़े स्कूल एक-आध अध्यापिका के सिर पर चल रहे हैं, जिस का क्षतिपूर्ति सरकारी स्कूलों में पढ़ते आम और गरीब परिवारों के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
‘आप’ विधायकों ने कहा कि एक तरफ हजारों पद खाली पड़े हैं, दूसरी तरफ हजारों बीएड-टैट  पास योग्य उम्मीदवार नौकरियों के लिए सडक़ों पर रोष प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। इस लिए सरकार अपने घर-घर नौकरी के वायदे को पूरा करे और इन योग्य लडक़े -लड़कियों को रोजगार दे।
मीत हेयर और रुपिन्दर कौर रूबी ने कहा कि कैप्टन सरकार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार से सबक ले कर पंजाब में भी सरकारी शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी तबदीली लाने की जरूरत है।