हाईकोर्ट ने लगाई हत्यारोपी मंदीप की गिरफ्तारी पर रोक

गांव शाह अबु बुकर का बहुचर्चित हत्याकांड हाईकोर्ट ने लगाई हत्यारोपी मंदीप की गिरफ्तारी पर रोक मंदीप के वकील अभिलक्श गैंद ने दी दलील- हत्यारोपी ने सिर्फ अपनी जान बचाने के लिए मृतक पर किया था प्रहार

हाईकोर्ट ने लगाई हत्यारोपी मंदीप की गिरफ्तारी पर रोक

फिरोजपुर, 19 फरवरी, 2020: जीरा के गांव शाह अबु बुकर के बहुचर्चित सुखविंदर सिंह हत्याकांड में वांछित आरोपी मंदीप सिंह की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने आरोपी को यह राहत उसके वकील अभिलक्श गैंद की तरफ से आत्मरक्षा की दलीलों को सुनने के बाद पहली ही सुनवाई पर जारी की गई है। हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हत्यारोपी मंदीप सिंह के वकील अभिलक्श गैंद ने दलीलें दी कि मंदीप सिंह ने जो कुछ भी किया, वह सब आत्मरक्षा में किया।

उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह और उसके साथी हत्यारोपी मंदीप सिंह के चाचा बोहड़ सिंह व जोगिंदर सिंह को बुरी तरह से तेजधार हथियारों से मार रहे थे, जिन्हें बचाने के लिए मंदीप को बीच में आना पड़ा। मगर हमलावरों ने उसे भी दबोच लिया, जिसके चलते मंदीप के सिर पर गहरी चोटें आई, जिससे उसकी जान भी जा सकती थी। मंदीप ने खुद की और अपने चाचा की जान बचाने के लिए मृतक सुखविंदर सिंह पर प्रहार किया ताकि वह खुद को छुड़ा सके। यह पूरा मामला आत्मरक्षा का है।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मंदीप के वकील ने भी तथ्य पेश किया कि अभी तक यह भी सामने नहीं आया कि वारदात की शुरूआत किसने की और यह कैसे शुरू हुई। इसलिए इस मामले में यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि कसूरवार कौन है। क्योंकि मंदीप सिंह के ताया की तरफ से उक्त हमलावरों के खिलाफ पहले भी एक मामले में आवाज उठाई थी, जिसके चलते हमलावर मंदीप सिंह और उसके परिवार से रंजिश रखते थे। इसलिए उन्होंने मंदीप सिंह के चाचा को अकेला देखकर उस पर हमला कर दिया। मंदीप सिर्फ अपने चाचा की जान बचाने के लिए वहां गया था।

यह वारदात 18 अक्टूबर 2019 को हुई, जिसमें पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज किया। हत्या के मामले में आरोपी बोहड़ सिंह पहले ही गिरफ्तार हो चुका है जबकि मंदीप सिंह पुलिस को वांछित था। मंदीप सिंह ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, जिसकी सुनवाई के दौरान उपरोक्त दलीलें सुनने के बाद पहली ही सुनवाई पर हाईकोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

About the author

Harish Monga

Harish Monga

Add Comment

Click here to post a comment

All Time Favorite

Categories